जौनपुर। जनपद में सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है। ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को जागरुकता संगोष्ठी का आयोजन बीआरपी इंटर कालेज में किया गया। जहां 200 छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही इससे जुड़े पंफलेट भी बांटे गए, जिसमें यातायात से जुड़ी हर प्रकार की जानकारियां दी गई थी। इस दौरान मुख्य अतिथि एआरटीओ एसपी सिंह ने कहा कि हमें खुद के साथ-साथ दूसरों को भी यातायात के नियमों के प्रति जागरूक होना होगा, क्योंकि गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार 2012 के बाद से देश में हर रोज सड़क हादसों में 461 लोगों की मौत हुई है तथा 1301 व्यक्ति घायल हुए हैं। देश में सड़क हादसों के कारण हर घंटे 19 या हर तीन मिनट पर एक व्यक्ति की मौत होती है। आंकड़ों पर नजर करें तो अकेले जौनपुर में एक अप्रैल 2021 से लेकर 30 मार्च तक 521 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 343 लोगों की मौत हो गई है। इसलिए गाड़ी चलाते समय खुद के साथ-साथ दूसरों की भी सुरक्षा का ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहन चालक व पीछे बैठने वाला भी हेलमेट अवश्य पहनना चाहिए, जो आईएसआई मानक हेलमेट के हो को ही पहनना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से सिर पर भारी चोट की संभावना को 70 प्रतिशत तक किया जा सकता है। उन्होंने अपील किया कि 18 साल तक उम्र न होने पर अ भिभावक अपने बच्चों को बाइक न दें। युवाओं से अपील किया कि वे बाइक चलाते समय स्टंट न करें, वाहन चलाते समय कभी भी बाये से ओवरटेक न करें और शराब पीकर वाहन न चलाएं।नियंत्रित गति सीमा में वाहन चलाए, ओवर स्पीडिंग न करें। आरआई अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सीट बेल्ट बांधकर ही गाड़ी चलाए, ऐसा करने से टक्कर के प्रभाव को 80 प्रतिशत घटाता है। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चों को अभिभावक गाड़ी न दें, क्योंकि पकड़े जाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। यातायात प्रभारी जीडी शुक्ला ने कहा कि स्कूल बस से या सड़क पर बस से उत