देव आदेश के चलते घाटी की एक दर्जन पंचायतों में बीड़ी-सिगरेट का प्रवेश निषेध है।
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जिले में हर साल तकरीबन 1200 लोग मुंह के कैंसर के शिकार हो रहे हैं। चिकित्सक का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह तंबाकू का सेवन है। इस खतरनाक बीमारी की जद में आने वाले ज्यादातर लोग किसी न किसी रुप में तंबाकू का सेवन करते हैं।
जौनपुर में तंबाकू के रूप में बिकने वाला दोहरा आस पास के कई जिलों में प्रसिद्ध है। सड़ी गली सुपारी और उसमें पिपरमेंट आदि मिलाकर बनने वाले दोहरा का व्यवसाय करने वाले लोग जरूर मालामाल हो रहे हैं पर इसे खाने वाले परिवार बर्बाद हो रहे हैं। दरअसल तंबाकू में चार हजार से अधिक खतरनाक केमिकल पाए जाते हैं जो शरीर के सभी अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं। बीड़ी सिगरेट, खैनी, गुटखा, दोहरा, पान आदि का सेवन मौत को दावत दे रहा है। चिकित्सकों का माना है कि तंबाकू में पाए जाने वाला निकोटिन हमारे तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। जिससे नशे की आदत पड़ जाती है। लंबे समय तक तंबाकू के सेवन से गंभीर रोग हो सकते हैं। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (एनसीआई) की रिपोर्ट पर भरोसा करें तो मौजूदा समय में जौनपुर में प्रतिवर्ष मुख कैंसर के 1200 मरीज विभिन्न अस्पतालों से कैंसर अस्पताल टाटा मुंबई को रेफर किए जाते हैं। हालात नहीं बदले तो आने वाले समय में स्थिति और भयावह होगी।