उरई/कालपी। भीषण बाढ़ के बाद लगातार तीसरे दिन भी यमुना का जलस्तर घटा। जिससे तलहटी के गांव के लोगों को जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद जगी है। आंकड़ों के अनुसार शनिवार को यमुना का जल स्तर 109.95 मीटर पर था, जो रविवार को घटकर 107 मीटर यानी खतरे के निशान 108 मीटर से नीचे आ गया है। वहीं बेतवा का जलस्तर रविवार को 104 मीटर पर स्थिर रहा।
यमुना के जल स्तर लगातार घटने से नदी पटटी के लोगों ने राहत की सांस ली, हालांकि अभी भी दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जहां मंडलायुक्त ने कालपी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो वही जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक पचनद के कई गांवों में पहुंचे और लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं, राहत सामग्री व अन्य सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
बता दें कि पांच दिन पूर्व खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर बह रही यमुना ने तलहटी के गांवों में भारी तबाही मचा दी थी। लगातार बढ़ते जल स्तर को देखते प्रशासन ने गांवों के निचले इलाकों को खाली करा लिया था, लेकिन शुक्रवार से कम हुआ यमुना का जल स्तर रविवार को भी घटा और पहली बार यमुना खतरे के निशान के नीचे पहुंची। जिससे जहां ग्रामीणों ने राहत की संास ली तो वही प्रशासन को भी अब जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद जागी। एडीएम भैरपाल सिंह ने बताया कि जल्द ही जल स्तर और घटने की उम्मीद है। जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात सामान्य हो जाएंगे। सभी गांवों में स्वास्थ्य व राहत सामग्री भेजी जा रही है।
सांसद व विधायक ने बांटी राहत सामग्री
कालपी। यमुना नदी के बाढ़ पीड़ित परिवार की मदद के लिए शासन एवं प्रशासन के लोग सक्रिय हैं। रविवार को सांसद भानुप्रताप वर्मा, विधायक नरेंद्र सिंह जादौन, उपजिलाधिकारी भैरपाल सिंह ने राजस्व कर्मचारियों के साथ यमुना नदी के तटवर्ती ग्रामों में जाकर कर बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच जाकर राहत सामग्रियों के पैकेट वितरित किए। विधायक नरेंद्र सिंह ने कहा कि बाढ़ से निपटने तथा प्रभावित परिवार की मदद करने के लिए सरकार पूरी तरह से सजग है। एसडीएम भैरपाल सिंह ने बताया कि कोई भी पीड़ित परिवार राहत सामग्री को पाने से वंचित नहीं रह पायेगा, जो पीड़ित परिवार छूट जाएंगे, उनको चिन्हित करके राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी।
इन गांवों में अभी भी भरा है पानी
भले ही बाढ़ का कहर जिले में कम हुआ हो, लेकिन अभी भी कालपी क्षेत्र के मदारपुर, देवकली, रायड़, जकसिया, सुरौली, सुरौला, गुलौली, मवई, सोंधी, जकसिया, मदरालालपुर, पाली, हीरापुर, देवकली, अभिर्वा, जमरेही, मैनुपुर, पड़री, मगरौल, नरहान, धर्मपुर, गुढ़ा खास, शेखपुर गुढा, पिपरौंधा, भदेख, महेवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा है, जिससे इन गांवों में अभी भी हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे है।
कमिश्नर कालपी एसडीएम से जानकारी लेती- फोटो : ORAI
टिकरी गांव में राशन सामग्री लेने के लिए बैठे लोग- फोटो : ORAI
महेवा में बाढ़ पीड़ित को राशन सामग्री बांटते सांसद भानु प्रताप बर्मा कालपी विधायक नरेंद्र सिंह- फोटो : ORAI
गुलोली में बाढ़ के बाद सफाई करते कर्मचारी- फोटो : ORAI