रामपुरा क्षेत्र के कूसेपुरा मार्ग पर भरा पानी।
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मुहम्मदाबाद/ कालपी। यमुना के जल स्तर का बढ़ना लगातार सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को यमुना खतरे के निशान 108 को पार करते हुए 110.12 मीटर पर पहुंच गई जिससे तलहटी के गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए है। जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार यमुना का जलस्तर 110.12 मीटर पहुंचने से कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया और दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। सूचना पर अपर जिलाधिकारी व एसडीएम ने स्टीमर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। वहीं जल संकट से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर बेतवा से मिली। बेतवा का जल स्तर लगातार तीसरे दिन भी घटा। जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बेतवा 118.18 से घट कर 115.11 मीटर पर पहुंच गए है। जिससे बेतवा पट्टी के लोगों ने राहत की सांस ली।
बता दें कि शनिवार को ओखला बांध से यमुना में लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे शनिवार रात में ही यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था और रविवार को यमुना ने खतरे के निशान को पार कर लिया था। पिछले 24 घंटे में यमुना का जलस्तर लगभग दो मीटर तक बढ़ 110.12 मीटर पहुंच गया है। सोमवार को एडीएम प्रमिल कुमार सिंह व एसडीएम भैरपाल सिंह ने स्टीमर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने सभी बाढ़ प्रभावित चौकियों व प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति में बाढ़ प्वाइंटों को भी बनाने के निर्देश दिए है जिससे लोगों को विषम परिस्थिति में सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके।
हालांकि एसडीएम ने फिलहाल इस बात से इनकार किया है कि अभी किसी गांव के लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ऐतिहातन निचले इलाकों को खाली करा लिया गया है। एसडीएम ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग से मिली रिपोर्ट के अनुसार अभी यमुना का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। लेखपालों को गांव में कैंप लगाकर पल-पल पर नजर रखने के निर्देश दिए है। दोपहर एडीएम व एसडीएम ने स्टीमर से पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। गांवों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दहशत का माहौल है। एडीएम ने बताया कि प्रशासन लगातार नजर बनाए है, किसी भी क्षेत्र में खाने पीने की कोई कमी न हो। इसके साथ ही गांवों में बीमारी को लेकर भी सजग है और लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों के लेखपाल व प्रधानों से बातचीत की जा रही है।
हीरापुर के ग्रामीण अपना सामान ऊंचाई वाले स्थान पर ले जाते- फोटो : ORAI
कालपी में यमुना का बढ़ता जलस्तर- फोटो : ORAI