विश्व गौरैया संरक्षण दिवस पर एट के जनता इंटर कालेज में कार्यक्रम का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान करीब दो सौ घाेंसले बांटे गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वन आयुक्त, झांसी मंडल देवेंद्र कुमार ने कहा कि
विश्व गौरैया दिवस पर विलुप्त होते गौरैया पक्षियों को बचाने का संकल्प लें। शहरीकरण और आधुनिकीकरण की भेंट चढ़ रही इस पक्षी जाति को बचाने के लिए हमें आगे आना होगा। इस दौरान मुख्य अतिथि व सपा नेता भूपेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यावरण संरक्षण को लेकर खासे गंभीर हैं। उन्हीं के निर्देश पर पूरे प्रदेश में गौरैया संरक्षण दिवस मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण की जरूरत है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते गौरैया पक्षी विलुप्त होने की कगार पर है। ऐसे में हम सब को गौरैया संरक्षण के लिए आगे आना होगा।
डीएफओ रहमान खान, क्षेत्रीय वनाधिकारी एट, आर के त्रिपाठी क्षेत्रीय वनाधिकारी कदौरा, भीमसेन उपवन संरक्षक जालौन, संजीव त्यागी सहायक अध्यापक एट आदि ने भी विचार
प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में डॉ. आनंद कुमार गुप्त ने भी लोगों को संबोधित किया। वहीं कार्यक्रम में करीब 40 गांवों के प्रधानों ने भी गौरैया संरक्षण की शपथ ली। इस मौके पर दो सौ घोंसले बांटे गए। कार्यक्रम में आए करीब ढाई सौ स्कूली छात्र-छात्राओं को भी गौरैया संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में सत्यम दुबे, लक्ष्मण सिंह, राजेंद्र सिंह, चंद्रशेखर बिहारी, संजय, सीपी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
गौरैया संरक्षण का लिया संकल्प
विश्व गौरैया दिवस पर विलुप्त होती जा रही गौरैया को संरक्षित करने का संकल्प लिया गया। वन विभाग ने इसके लिये बाकायदा स्कूलों और रेंज ऑफिस परिसर में कार्यक्रम आयोजित किए। वन क्षेत्राधिकारी वीके सिंह ने जनता इंटर कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान कहा कि गौरैया को बचाने के प्रयास वन विभाग की ओर से शुरू किए गए हैं लेकिन इसमें आम आदमी की
सहभागिता बहुत ही जरूरी है। रेंज कार्यालय परिसर में आयोजित गौरैया दिवस पर उप वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने कहा कि विभागीय कर्मचारी सुरक्षित स्थानों पर नेस्ट बॉक्स टांग रहे हैं। कोंच में विभाग के लोग जनता को भी गौरैया संरक्षण के लिये जागरूक कर रहे हैं और उनके (गौरैया के) आवास के लिए बॉक्स ज्यादा से ज्यादा संख्या में टांगने के लिए प्रेरित
कर रहे हैं। सभी स्कूलों, बाग बगीचों में अब तक सवा सौ बर्ड बॉक्स टांगे जा चुके हैं। अगर कोई प्राईवेट तौर पर भी इच्छुक है तो वह विभाग से नेस्ट बॉक्स ले सकते हैं। इस दौरान खुशीराम, सुनीलकुमार, संतोषकुमार, भागीरथ कुशवाहा, रामदास बाल्मीकि आदि मौजूद रहे।