फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: खिचड़ी मांगने पर महिला तीमारदार को चमचा मारा

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती नाती के लिए थाली में खिचड़ी लेने गई महिला की कर्मचारी से कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसी दौरान कर्मचारी ने महिला से सिर में चमचा मार दिया। इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। घटना से वहां अफरातफरी मच गई। पुलिस ने जांच की है। घटना के बाद से ही कर्मचारी मौके से भाग गया है। महिला का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन


झांसी जिले के उजियारपुर गांव निवासी करन सिंह के पुत्र कृष्णा (03) मानसिक रूप से बीमार रहता है। इस पर करन सिंह पत्नी रिया को लेकर 19 दिसंबर को मेडिकल कॉलेज उरई आया था। डॉक्टर ने कृष्णा को वार्ड चार में भर्ती करने की सलाह दी। उसकी देखभाल करने के लिए शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शांति नगर निवासी करन सिंह की सास सावित्री देवी भी पहुंची थी। बुधवार की शाम को वह वार्ड के बाहर कैंटीन से बांटे जा रहे खाने को लेने के लिए थाली लेकर गई थीं। आरोप है कि बर्तन छोटा होने पर सावित्री देवी ने दूसरे बर्तन में और खिचड़ी देने को कहा तो कर्मचारी से उनका विवाद हो गया।
इसी दौरान कर्मचारी ने तैश में आकर सिर में चमचा मार दिया। इससे महिला लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। घटना से मेडिकल कॉलेज में खलबली मच गई। मौजूद लोगों ने महिला को इमरजेंसी में भर्ती कराया यहां उसे करीब आठ टांके आए हैं। घटना की जानकारी करन सिंह ने पुलिस को दी लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी कर्मचारी भाग गया है।
विज्ञापन

सीओ अर्चना सिंह का कहना है कि 112 पर सूचना दी गई थी। अभी तक तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मेडिकल कालेज के प्राचार्य अरविंद त्रिवेदी ने कहा कि जायसवाल फर्म का खाना सप्लाई का ठेका है। महिला के साथ कर्मचारी द्वारा मारपीट के मामले में कर्मचारी को निकाल दिया गया है और फर्म को चेतावनी पत्र जारी किया है।



मेडिकल कालेज का विवादों से गहरा, मरीजों व तीमारदारों के साथ अक्सर होती मारपीट
उरई। मेडिकल कॉलेज में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां अक्सर मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। लोगों का कहना है कि यहां पहुंचने पर इमरजेंसी में तैनात कर्मचारी व जूनियर डॉक्टर मरीजों के तीमारदारों से अभद्रता करते हैं। विरोध करने पर मारपीट भी कर देते हैं। कई घटनाएं होने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती है। लोगों का कहना है कि कार्रवाई न होने से कर्मचारियों के हौंसले बुलंद हैं। इससे वह किसी पर भी हमला कर देते हैं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें