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Jalaun News: कमर तक भरा पानी, जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग

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आटा-अकोढ़ी मार्ग से चल रहे पानी में फंसा लोडर-निकलता ट्रैक्टर।  - फोटो : आटा-अकोढ़ी मार्ग से चल रहे पानी में फंसा लोडर-निकलता ट्रैक्टर।
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आटा। बारिश तो थम गई है, लेकिन उसकी मार अभी भी लोगों पर जारी है। आटा-अकोढ़ी मुख्य मार्ग पर कमर तक पानी का तेज बहाव बना हुआ है। मंगलवार रात से लेकर बुधवार सुबह तक पानी की स्थिति और बिगड़ गई, जिससे करीब एक किलोमीटर क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
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बुधवार की सुबह आटा की तरफ से आ रहा, लोडर आटा स्थित पक्के तालाब के सामने कमर की ऊंचाई से चल रहे पानी में पलटने से बच गया। लोडर को बाहर निकालने के लिए चालक को आटा गांव से किराये पर ट्रैक्टर मंगवाना पड़ा। जैसे-तैसे वाहन को निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि जरा सी भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। मार्ग से करीब 20 गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं, जिनमें अकोढ़ी, संदी, जोराखेरा, तगारेपुर, पांडेयपुर, अमीसा, इमिलिया, गढ़ा, कुसमरा, रिरुआ, बरदर, बारा प्रमुख हैं। इन गांवों का संपर्क अब हाईवे से कट गया है। राहगीर अपने जरूरी सामान को सिर पर लादकर या मोटरसाइकिल की टंकी पर रखकर किसी तरह इस जलभराव को पार कर रहे हैं।



गंदगी का अंबार, पालिका नहीं दे रही ध्यान
कालपी। यमुना की आई बाढ़ से नगर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पालिका द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पढ़ रहा है। पिछले हफ्ते आई यमुना के बाढ़ से नगर के मोहल्ले में अभी गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसमें प्रमुख रूप से सबसे मुख्य स्थान मानें जाने वाले राजघाट मोहल्ले में बने हुए मोक्ष धाम में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दाह संस्कार के लिए लोग इसी मोक्ष धाम में आते हैं लेकिन इस मोक्षधाम में अभी भी गंदगी पर्याप्त रूप से व्याप्त है, जिससे आसपास क्षेत्र से आने वाले ग्रामीणों को दाह संस्कार के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मोहल्ला तरीबुल्दा में ढोणेश्वर मंदिर के आसपास सफाई नहीं हुई। स्थानीय निवासी राघवेंद्र, धर्मेंद्र, सुमित, राजवीर, गजेंद्र, मानवेंद्र, संतोष का कहना है कि पालिका के द्वारा अभी सफाई नहीं कराई गई। न किसी दवा का छिड़काव हुआ। ईओ अवनीश कुमार शुक्ला ने बताया कि सफाई हो रही है और छिड़काव भी किया जा रहा है। संवाद
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बाढ़ का पानी तो गया, गंदगी छोड़ गया
रामपुरा। ब्लाॅक के नदियापार गांव कुसेपूरा की हालत खराब है। बाढ़ का पानी तो चला गया,लेकिन गंदगी का अंबरा लगा है। दुर्गंध से ग्रामीण परेशान हैं। गांव में एक दर्जन पक्के मकानों की स्थिति खराब हो गई। कई मकानों की दिवारें ध्वस्त हो गईं। कुसेपूरा निवासी सुमन, कैलाश, उकेंद्र, मीरा ने बताया कि कई घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं नदी की बाढ़ अपने पीछे बीमारियां व गंदगी छोड़ गई है। ग्रामीण लालसिंह, अवधेश, रविशंकर, कौशल किशोर, कन्हैया लाल, आनंद, अरविंद, राहुल कहा कि बाढ़ के बाद बीमारी तेजी से फैल रही हैं। लेकिन कोई इंतजाम नहीं हैं। बाढ़ के बाद भी कोई स्वास्थ्य कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। संवाद
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