उरई। त्योहारों में लोगों की सेहत सुरक्षित रहे, इसके लिए प्रशासन ने मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 43 कारोबारियों पर 31 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। जिलाधिकारी ने साफ किया कि स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान चलाकर बाजार, प्रतिष्ठान, होटल और रेस्टोरेंट्स का गहन निरीक्षण किया जाए। बासी या दूषित भोजन मिलने पर होटल मालिकों के साथ-साथ संबंधित निरीक्षक पर भी कार्रवाई होगी।
अभिहित अधिकारी डॉ. जतिन कुमार सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 198 खाद्य नमूने लिए गए, जिनमें से 25 मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इस आधार पर न्यायालय में 58 प्रकरण दायर हुए और 43 मामलों में 31 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि सब्जियों व फलों में मिलाए जा रहे कृत्रिम रंगों, खोया, दाल और बेसन जैसे त्योहारी खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
औषधि निरीक्षक को मेडिकल स्टोर्स पर कंप्यूटरीकृत बिलिंग अनिवार्य कराने, नशीली दवाओं की बिक्री रोकने और एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती करने को कहा गया। साथ ही अधिरोपित अर्थदंड की समयबद्ध वसूली और लंबित वादों की त्वरित पैरवी पर जोर दिया। बैठक में एडीएण प्रेमचंद मौर्य, एएसपी प्रदीप कुमार,सीएमओ डॉ. नरेंद्र देव शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा मौजूद रहे।