कोंच। हाईकोर्ट की ओर से पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में तलब करने के पीछे नदीगांव पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। गुटका व्यापारी ने ही नदीगांव पुलिस के खिलाफ कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मामले में जल्द ही तत्कालीन पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। एसपी रवि कुमार ने बताया कि उक्त मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर आरके त्रिपाठी जो वर्तमान में कालपी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा मामले की एफआईआर दर्ज करने वाले और विवेचना करने वाले दो दारोगाओं पर भी कार्रवाई की गई है।
बताते चलें कि 20 फरवरी 2021 को महादेव गुटखा के एजेंट विशाल गुप्ता निवासी रेंढर के खिलाफ नदीगांव पुलिस ने धारा 420 व कॉपी राइट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। विशाल का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को माल लदी गाड़ी के पूरे कागजात भी दिखाए थे। बावजूद इसके नदीगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। विशाल के मुताबिक उन्होंने नदीगांव पुलिस के उत्पीड़न को लेकर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई चल रही है। इसी मामले को लेकर जालौन के एसपी और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को तलब किया था।