उरई। नमामि गंगे योजना और हर घर नल योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जिस तरह से जिले में गांव-गांव सड़कों को छलनी किया जा रहा है, उससे लोक निर्माण विभाग के अधिकारी नाराज हैं। प्रशासन के साथ हुई बैठकों में उन्होंने इसको लेकर विरोध जताया है। लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़कें खोदने से हुई क्षति की भरपाई के लिए लगभग 38 करोड़ रुपये का इस्टीमेट थमा दिया है।
विभाग एक अधिकारी ने बताया कि रेंढर-सधूपुरा मार्ग खोद दिया गया। उरई-कोटरा मार्ग क्षतिग्रस्त कर दिया। नदीगांव ब्लाक के तीतरा गांव में 700 मीटर सीसी सड़क खोद दी। कुठौंद नहर की पटरी भी खोद दी गई। उरई-जालौन हाइवे के किनारे भी किमी खुदाई की गई है। कहा कि अभी तक जो सूची बनाई है, उसमें 80 ऐसी सड़कें हैं जो खोदकर क्षतिग्रस्त कर दी गईं हैं। लोकनिर्माण विभाग ने उरई-कोंच मार्ग नहीं खोदने दिया। जिसके चलते सड़क के किनारे से लाइन की खोदाई की जा रही है।
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बारिश में बढ़ जाएगा नुकसान
लोकनिर्माण विभाग ने बताया कि अभी तक जो नुकसान का आंकलन किया गया है उस हिसाब से 38 करोड़ रुपये का इस्टीमेट दिया है पर बरसात में नुकसान बढ़ जाएगा। जिले में काली मिट्टी है, सड़कों में पानी अंदर जाते ही सड़कें बैठ जाएंगी। सड़कों के नीचे डाली गई ड्रेनेज लेयर खराब हो जाएगी।
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कंपनियां बैंक गारंटी देने को तैयार
जिले में हर घर नल योजना पहुंचाने के लिए तीन कंपनियां काम कर रहीं हैं। लोकनिर्माण विभाग की आपत्ति के बाद कंपनियों ने सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखा था, इस प्रस्ताव को लोकनिर्माण विभाग ने नकार दिया। इस पर निर्माण कंपनियां बैंक गारंटी देने पर सहमत हो गईं हैं।
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लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार राय का कहना है कि सड़कों को बिना अनुमति क्षति पहुंचाई गई है। इसको लेकर हमने प्रशासन के सामने अपनी बात रखी है। 38 करोड़ रुपये का इस्टीमेट दिया गया है।
एडीएम नमामि गंगे योजना के विशाल यादव का कहना है कि हर घर नल योजना के तहत लक्ष्य पूरा करने के लिए सड़कों की खुदाई की गई है। लोकनिर्माण विभाग का एस्टीमेट आया है, उसे रिवाइज किया जा रहा है। समन्वय से मामला हल कर लेंगे।
विशाल यादव,