माधौगढ़। थानाक्षेत्र के मचकछा गांव में सोमवार देर रात नकाबपोश असलाहाधारी बदमाशों ने किसान के घर में धावा बोल दिया। बदमाशों ने किसान दंपती और उनकी पौत्री को बंधक बनाकर लूटपाट की। विरोध करने पर तीनों को पीटा और जेवर व नकदी लेकर भाग गए। घटना की सूचना पाकर पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे और छानबीन की। किसान ने थाने में तहरीर दी है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी।
माधौगढ़ थानाक्षेत्र के मचकछा गांव निवासी तेज सिंह खेतीबाड़ी करते हैं। तेज सिंह परिवार के साथ सोमवार की रात घर में सो रहे थे। देर रात मकान के पीछे सीढ़ी लगाकर छत के रास्ते से चार-पांच नकाबपोश असलहाधारी बदमाशों उनके घर में घुस गए। बदमाशों की आहट पाकर तेज सिंह, उनकी पत्नी प्रेमवती व पौत्री कंचन की नींद खुल गई। प्रेमा देवी ने कमरे का दरवाजा खोलकर देखा, तभी बदमाशों ने दंपती व उसकी पौत्री को दबोचकर मारपीट शुरू कर दी। तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए तीनों को बंधक बनाकर जेवर व नगदी की मांग की। इसके बाद भी दंपती ने नकदी व जेवर नहीं दिए तो बदमाशों ने तेज सिंह के सिर पर तमंचा सटाकर जान से मारने की धमकी देते हुए उन्हें पीटना शुरू कर दिया। यह देख प्रेमादेवी घबरा गई। उन्होंने गेहूं की टंकी में रखे 20 हजार रुपये व बहू के करीब साढ़े तीन लाख रुपये कीमत के जेवर बदमाशों को थमा दिए। इसके बाद बदमाश परिवार को जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। तेज सिंह के मुताबिक बदमाशों अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने चेहरों को कपड़े से ढक रखा था। तेज सिंह ने रात में ही पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गांव व आसपास क्षेत्र में बदमाशों की तलाश की, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला।
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बेटा कन्नौज में रहकर पानीपुरी का करता है काम
तेज सिंह व प्रेमादेवी ने बताया कि उनका बेटा मंगल सिंह पत्नी सुंदरी के साथ कन्नौज में रहकर पानी पुरी का काम करता है। जबकि पौत्री कंचन उसके साथ ही रहती है। तेज सिंह के मुताबिक उन्होंने पुलिस को तहरीर दे दी है। पुलिस हुलिए के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है।
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बदमाशों में नहीं पुलिस का खौफ
गांव के लोगों की माने तो माधौगढ़ थाने से गांव की दूरी 18 किलोमीटर है। यह गांव बीहड़ क्षेत्र के यमुना किनारे बसा हुआ है। गांव से तीन किलोमीटर बाद ही मध्यप्रदेश की सीमा प्रारंभ हो जाती है। गांव में कभी भी पुलिस गश्त के लिए नहीं आती है। कोई बड़ी घटना होने पर कई घंटे बाद कुछ पुलिसकर्मी गांव पहुंचते है और जांच की औपचारिकता पूरी करके लौट जाते हैं। इसकी वजह से बदमाशों में पुलिस का खौफ नहीं है।