बच्चों की खोजबीन करती एनडीआरएफ की टीम।
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उरई। 28 जनवरी की शाम को सिंध नदी में नाव पलटने के बाद डूबे दोनों बच्चों का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका। रविवार को दिनभर मध्यप्रदेश की एनडीआरएफ की टीमें, गोताखोर और ग्रामीण जुटे रहे।
मध्यप्रदेश के नयागांव थाना क्षेत्र के टेनगुर गांव में शुक्रवार को भागवत कथा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया था। इसमें बार्डर स्थित रामपुरा के गांवों से भी कई लोग गए थे। शुक्रवार की शाम को घर लौटते समय 10 लोगों से भरी नाव सिंध नदी में पलट गई थी। हादसे के बाद चीखपुकार सुन आसपास क्षेत्रों के ग्रामीणों ने किसी तरह आठ लोगों को बचा लिया। जबकि रामपुरा थाना क्षेत्र के मिर्जापुरा निवासी सुभाषचंद्र का 10 वर्षीय पुत्र ओम और मध्यप्रदेश के भिंड जिले की रौना थाना क्षेत्र की हिलगुवां गांव निवासी सुखदीन की 16 वर्षीय पुत्री द्रौपदी का कुछ पता नहीं चला था। यह जानकारी मध्यप्रदेश के अधिकारियों को दी गई। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और गोताखोरों ने खोजबीन शुरू की। उधर, टीमों के साथ ही ग्रामीण भी जाल डालकर बच्चों को तलाशने की कवायद में लगे हैं। देर शाम खबर लिखे जाने तक दोनों का कोई सुराग नहीं लगा था।