राहत व बचाव कार्यों में और तेजी लाए, अफसर, जनप्रतिनिधि
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समीक्षा बैठक में डीएम प्रियंका निरंजन ने सुरक्षा व राहत कार्यों का ब्यौरा दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद इंटर कालेज सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बाढ़ के लिए किए जा रहे इंतजामों को लेकर सवाल-जवाब किए। सीएम ने निर्देश दिए कि बचाव व राहत कार्य में हीलाहवाली न की जाए। जिस प्रकार से अभी तक राहत कार्य किए गए हैं, उससे और तेजी के साथ काम करें।
बैठक में सीएम ने डीएम से बाढ़ की स्थिति को लेकर जानकारी की। तब डीएम ने बताया कि बाढ़ के कारण जिले के 158 राजस्व ग्राम प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि कोटा बैराज से चंबल नदी में पानी छोड़े जाने के कारण कालपी में यमुना का जलस्तर बढ़ा है। रविवार को यमुना का जलस्तर 112.870 मीटर था, जो खतरे के निशान से 4.870 मीटर ऊपर था। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रामपुरा व कुठौंद है। बाढ़ नियंत्रण के लिए मुख्यालय में 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई। जिसमें 8- 8 घंटे के लिए तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। वही तहसीलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों में सूचना का आदान प्रदान करने हेतु फ्लड जालौन के नाम से मोबाइल में ग्रुप बनाया गया है। बाढ़ के राहत कार्यो हेतु एसडीआरएफ की एक टीम तहसील माधौगढ़ में, एनडीआरएफ की दो टीमें जनपद में है। इसमें एक टीम तहसील जालौन एवं एक टीम तहसील कालपी में बचाव कार्य कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि सेना के 80 जवानों की टीम जनपद में है जो तहसील माधौगढ़ एवं जालौन में बचाव कार्य जिला प्रशासन के साथ कर रही हैं। बचाव कार्य हेतु लोकल मछुवारों की 99 नावें एवं फैजाबाद से 08 इलेक्ट्रानिक वोट मंगाकर राहत कार्य कराया जा रहा हैं। सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों में राहत टीम के साथ मेडिकल टीम भी भ्रमण कर लोगों को आवश्यक उपचार दिया रहा है। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में अब तक 573 सूखा राशन एवं 3971 लंच पैकेट का वितरण किया गया है। 28 बाढ़ चौकियों का गठन किया गया हैं। प्रत्येक ब्लाक में बाढ़ से निपटने के लिये तीन-तीन टीमें बनाई गई हैं। संक्रामक बीमारियों से बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता कराएं। उन्होंने पशुपालन विभाग को भी निर्देशित किया कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पशुओं के चारा, भूसा तथा दवाओं की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने सिंचाई एवं पेयजल विभाग को निर्देशित किया कि जिन ग्रामों में अभी पानी है उन्हें समुचित जगह पहुंचाने हेतु व्यवस्था की जाए। बाढ़ ग्रस्त 114 गांवों जो पानी से पूर्णता घिरे है उनको राहत शिविर में रखा जाए।
बैठक में प्रभारी मंत्री नीलिमा कटियार के अलावा तीनों विधायक, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिनिधि अरविंद्र चौहान, मंडलायुक्त अजय शंकर पांडे, डीआईजी जोगेन्दर सिंह, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार, अपर आयुक्त झांसी प्रमिल कुमार सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत घनश्याम अनुरागी, जिलाध्यक्ष रामेन्द्र सिंह बना, मुख्य विकास अधिकारी डा0 अभय कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ऊषा सिंह आदि रहे।
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पुलिस से मीडिया की नोकझोंक
रामपुरा। सीएम कार्यक्रम के दौरान एक बार फिर पुलिस और मीडिया में नोकझोंक हुई। जब डीएम प्रियंका निरंजन सभी मीडिया कर्मियों को पंडाल में पहुंचाकर बाहर निकली तो वहां मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने कर्मियों से कहा कि यदि अब कोई बाहर निकला तो उसे कालेज के गेट के ही बाहर कर दिया जाएगा। इससे मीडिया कर्मी नाराज हुए।