उरई। लगातार दो दिन से हो रही बारिश के बाद शुक्रवार की सुबह से बारिश कुछ थमी सी रही। बीच में बूंदाबांदी ही होती रही। इसके बाद भी दो दिनों से हुई बारिश में सबसे अधिक मुसीबत गांव कस्बों की रही। जहां बारिश का पानी सड़कों और घरों के बाहर एकत्र रहा। स्थिति यह रही कि हैंडपंप तक जलभराव में डूबे दिखाई दे रहे हैं। जिससे पानी भरना ग्रामीणों के लिए टेढ़ी खीर बना रहा। किसानों की फसलों का नुकसान हुआ। कहीं-कहीं बीज गोदाम तक पानी जा पहुंचा और नुकसान कर गया। बारिश थमने के बाद अब पुराने व कच्चे घर भरभरा कर गिरना शुरू हो गए। जिससे लोगों का काफी नुकसान हुआ। जिसकी भरपाई करने वाला कोई नहीं दिखाई दे रहा है। कुछ ग्रामीण इलाकों में पेड़ गिरने से भी आवागमन बाधित रहा। पानी भरने से ग्रामीण इलाकों के संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। रही सही कसर बिजली ने पूरी कर दी। गांव कस्बों में बल्लियों के सहारे टिकी बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। ग्रामीणों को बिना बिजली के ही रहना पड़ रहा है।
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सड़क उखड़ी, अस्पताल के आसपास भी पानी
सिरसाकलार। न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास बने नाला की सफाई वर्षों से न होने कारण पीएचसी परिसर व गली मोहल्लों में पानी भरा है। चिकित्सक प्रदीप कुमार राजपूत का कहना है कि जलभराव हर साल की समस्या बन गया है। प्रधान दृगपाल भास्कर का कहना है कि नाले की सफाई समय से न हो सकी और बारिश हो गई। इस कारण भी समस्या पैदा हो गई है। इसी तरह मलथुआ के गांव के लिए गई दो किमी. की रोड भी बारिश के चलते उखड़ गई है। पूर्व प्रधान राजीव कुमार का कहना है कि जब रोड बनी थी। बरसात में पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। बाबई मार्ग पर हथना खुर्द के पास निकला कोंच मलंगा नाला भी उफना रहा है। जिससे संपर्क मार्ग प्रभावित है। अजय सिंह, सुंदर सिंह का कहना है कि संपर्क मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को 12 किमी. का चक्कर काटकर बाजार जाना पड़ रहा है। (संवाद)
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गिरी छतें व दीवार, बाल बाल बचे ग्रामीण
कदौरा, सिरसाकलार। कदौरा क्षेत्र के ग्राम बबीना में गुरुवार रात राम अवतार के कच्चे मकान की छत बारिश के चलते भरभरा कर गिर गई। भीतर सो रहे परिवार के लोगों में अफरातफरी मच गई। किसी तरह सभी बाल- बाल बचे। छत व दीवार के नीचे दब कर अनाज व गृहस्थी बर्बाद हो गई। वही ग्राम मवई अहीर में अबरार, वसीम के भी कच्चे मकानों की दीवार ढह गई। आरोप है कि उन्हें आवास योजना का लाभ नही दिया गया। एसडीएम कौशल कुमार का कहना है कि संबंधित लेखपाल को भेजकर गिरे हुए मकानों की जांच कराई जाएगी। वहीं मोहल्ला सिद्धार्थ नगर के लोग भी जलभराव से आजिज हैं। धर्मेंद्र सिंह, अनीस खान, रजनी देवी आदि ने बताया कि कई बार सभासद सहित नगर पंचायत में इसकी शिकायत कर चुके है लेकिन कोई सुनवाई नही हुई है। सिरसा प्रतिनिधि के मुताबिक महेवा ब्लॉक के गांव धामनी में श्यामाचरण का कच्चा मकान रात में अधिक बारिश होने से गिर गया। घर के भीतर सो रहे लोग बाल-बाल बचे। विधवा छोटी बाई का भी मकान गिरा इनका तो गृहस्थी का सामान दब गया। (संवाद)
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गोदाम में रखा बीज व जिंक भी भीगा
आटा। बस स्टैंड पर बना राजकीय कृषि बीज भंडार भी बारिश की चपेट से न बच सका। दो दिनों से हो रही बारिश के कारण पुराने गोदाम में रखे बीज व जिंक खराब हो गया। जिनकी कीमत हजारों में बताई जा रही है। इतना ही नहीं गोदाम में रखा कंप्यूटर का सीपीओ भी खराब हो गया। शुक्रवार की सुबह जब कर्मचारियों ने देखा तो पानी निकालने का काम शुरू किया गया। बीज भंडार के कामदार हर प्रसाद परिहार ने बताया कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है जिसके कारण पुरानी बिल्डिंग में पानी भर जाता है। (संवाद)
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बरगद का पेड़ गिरने से आवागमन बाधित
रामपुरा। ऊमरी से मजीठ को जाने वाले मुख्य मार्ग पर क्षमापुरी मंदिर के सामने सड़क किनारे लगा बरगद का पेड़ लगातार बारिश के कारण मुख्य डामर मार्ग पर गिर पड़ा। इस कारण पूरा मार्ग अवरुद्ध हो गया। पहले राहगीर किनारे से कच्चा रास्ता बनाकर मार्ग पार कर लेते थे पर लगातार हो रही बारिश से आसपास घुटनों तक पानी भर गया है। बता दें कि उक्त मार्ग से खैरई, मजीठ, धरमपुरा, पृथ्वीपुरा, पिचौरा, नवादा, ईंटों आदि गांवों के लोग ऊमरी या अन्य मुख्य मार्गों तक पहुंचते है। पिछले तीन दिनों से मार्ग जाम होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी व पंचायत प्रशासन ने इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। (संवाद)
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पानी में डूबे हैंडपंप, निकलना दुश्वार
सरावन। कस्बा सरावन में गोहनी नाले पर अतिक्रमण से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मलिन बस्ती सहित अति प्राचीन भूरेशवर शिव मंदिर रोड पर तीन फुट पानी भरा है। मलिन बस्ती में बारिश का पानी घरों के पास पहुंच गया है। बस्ती में लगे हैंडपंप तक पानी में डूबे गए हैं। मलिन बस्ती निवासी प्रेम, नवले, चिरौंजी, विक्रम आदि का कहना है की सालों से नाले की सफाई नहीं हुई। गांव वालों ने नाले पर अवैध कब्जा कर लिया है जिससे पानी निकल नहीं पा रहा है। लिहाजा अब पानी घरों में घुस रहा है। (संवाद)
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नोट- बरिश की खबर का जोड़
पानी में डूबे हैंडपंप, निकलना दुश्वार
सरावन। कस्बा सरावन में गोहनी नाले पर अतिक्रमण से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मलिन बस्ती सहित अति प्राचीन भूरेशवर शिव मंदिर रोड पर तीन फुट पानी भरा है। मलिन बस्ती में बारिश का पानी घरों के पास पहुंच गया है। बस्ती में लगे हैंडपंप तक पानी में डूबे गए हैं। मलिन बस्ती निवासी प्रेम, नवले, चिरौंजी, विक्रम आदि का कहना है की सालों से नाले की सफाई नहीं हुई। गांव वालों ने नाले पर अवैध कब्जा कर लिया है जिससे पानी निकल नहीं पा रहा है। लिहाजा अब पानी घरों में घुस रहा है। (संवाद)