कदौरा। अधिक दामों में खाद की बिक्री की शिकायत पर नायब तहसीलदार ने कस्बे की खाद दुकानों में छापा मारा। इस दौरान कई दुकानों पर रेट लिस्ट का बोर्ड न लगाने पर पर दुकानदारों की फटकार लगाई। इस दौरान उन्होंने किसानों से भी बात की।
रबी की फसल बोने के लिए किसान खाद के लिए परेशान है। सहकारी समिति में खाद न होने के कारण प्राइवेट दुकानदार महंगे दामों में खाद बेच रहे हैं। इसको लेकर किसानों और दुकानदारों के बीच बहस व झड़प भी हो रही है। क्षेत्र के रामकुमार, मानसिंह, विजयकांत तिवारी, गौरव उपाध्याय सहित अन्य किसानों ने शनिवार को एसडीएम कालपी कौशल कुमार से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। रविवार को एसडीएम के आदेश पर नायाब तहसीलदार राजेश पाल ने कस्बे की छह दुकानों पर छापा मारा। रेट सूची न होने पर दुकानदारों को फटकार लगाई। वहां मौजूद किसानों से बात की। किसानों ने खाद विक्रेताओं पर एक बोरी में 2 से 3 सौ रुपये अधिक लेने का आरोप लगाया। छापे की खबर से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। नायाब तहसीलदार ने विक्रेताओं को चेतावनी दी कि रेट पर ही खाद दे वरना कार्रवाई की जाएगी। नायाब तहसीलदार राजेश पाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दुकानों में रेट सूची व खरीद बिल नहीं दिया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेंगे।
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रजवाहे में पानी नहीं, से लेट हो रही बुवाई
- एसडीओ से पानी जल्द छोड़े जाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा कलार। क्षेत्र के तरसौर रजवाहा में पानी न छोड़े जाने से खेत सूखे पड़े है। जिसके चलते तिलहन व दलहन की बुवाई लेट हो रही है। समय से बुवाई न होने से उपज कम मिलती है। इस कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने एसडीओ से पानी जल्द छोड़े जाने की मांग की है।
बताते चलें कि अक्तूबर आधा बीत चुका है। इसके बावजूद अभी तक रजवाहा में पानी नही छोड़ा गया है। जबकि अक्तूबर के पहले सप्ताह से तिलहन में लाही की बुवाई शुरू हो जाती है। नवरात्र के बाद चना मटर मसूर की बुवाई शुरू हो जाती है। क्षेत्र के तरसौर, छानी, जहटौली, जखा मलथुआ, दमरास, गोंगुरा, गहपुरा, जुगियापुर आदि गांवों के किसान राजेश सिंह, मेहरवान सिंह महिला किसान रेखा देवी, परमलाल, सुंदरलाल, वीर सिंह आदि का कहना है कि खेत सितंबर में ही खाली हो गए थे। अधिक बारिश की वजह से तिल और उर्द नष्ट हो गया था। अब केवल लाही, चना, मटर, मसूर का सहारा है। खेत जुते पड़े है पर अभी तक पानी नही छोड़ा गया है। निजी बोरिंग वाले मनमानी दाम ढाई सौ से तीन सौ रुपये प्रति बीघा ले रहे। अगर समय से पानी आ जए तो पलेवा करके बुबाई शुरू हो जाएगी। कुछ किसानों ने बगैर पलेवा के ही लाही की बुवाई कर दी है। किसानों का कहना है कि अगर रजवाहा फूल गेज चल जाए तो रबी के बुवाई का पलेवा भी किसान कर लेगा। नहर तृतीय एसडीओ वीरेंद्र कुमार का कहना है रजवाहा में एक या दो दिन में पानी छोड़ा जाएगा।