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जिम्मेंदारों की अनदेखी से अव्यवस्थाओ से जूझ रही भदरेखी मंडी

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भदरेखी मे बंद पड़ी गल्ला मंडी बैठे जानवर - फोटो : ORAI
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आटा। अनदेखी के चलते भदरेखी गांव के बाहर किसानों की सहूलियत की लिए बनी मंडी दुर्दशा का शिकार हो गई है। स्थिति यह है कि बुंदेलखंड विशेष पैकेज से 1.94 करोड़ रुपये की लागत से बनी ग्रामीण मंडी अन्ना डेरा जमाए है। मंडी के चारों ओर गंदगी व झाड़ियां उग आई है। मंडी का लाभ न मिलने से किसानों को उपज बेचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बता दें कि क्षेत्रीय किसानों को फसलों को बेचने व सुरक्षित रखने के लिए दूर न जाना पड़े। इसके लिए वर्ष 2013-14 में सपा सरकार द्रारा बुंदेलखंड विशेष पैकेज से कालपी तहसील के ब्लाक कदौरा के ग्राम भदरेखी में 1.94 करोड़ रुपये की लागत से मंडी का निर्माण कराया गया था। जिसमें चार दुकानें, काटा, एक टिनशेड का चबूतरा व एक गोदाम और मंडी की सुरक्षा के लिए गार्ड रूम का निर्माण है। पर वर्तमान में जिला प्रशासन व मंडी सचिव की अनदेखी से मंडी अव्यवस्थाओं के भेंट चढ़ गई है। गेट में ताला लटका रहा है चारों ओर कटीली झाड़ियां है। मंडी की देखरेख के लिए न तो कोई गार्ड मौजूद है, और न ही सुरक्षा के इंतजाम। कुछ दिनों पूर्व यहां हुई गेहूं खरीद में किसानों का गोदाम में रखा सड़कों क्विंटल गेंहू भी बारिश होने की वजह खराब हो गया था। क्षेत्रीय किसानो में रोष व्याप्त है। उनकी मांग है कि जल्द ही मंडी में गार्ड तैनात कर वहां की अव्यवस्था को दुरस्त किया जाए।
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समय व रुपये की होगी बचत
भदरेखी निवासी किसान मुन्ना सविता का कहना है, कि अगर मंडी में फसलों की खरीद होने लगे तो हमे उरई कालपी न जाना पड़े। जिससे उनका समय व पैसा भी बच सकेगा। किसान बाबूराम का कहना है कि सपा सरकार में मंडी का निर्माण हुआ था। मंडी बनकर तैयार भी हो गई थी, मगर आज तक उसमें नियमित खरीद शुरू नहीं हो सकी है और मंडी खंडर होने लगी है।
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बोले जिम्मेदार
कालपी उपजिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि अगर मंडी में इतनी अव्यवस्था है, तो जल्द ही सचिव को भेजकर जानकारी की जाएगी। मंडी की सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती भी की जाएगी।
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