उरई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से बुधवार को निजात मिलीं। भोर से शुरू हुई झमाझम बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, तो वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना है कि अब उन्हें बुआई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। हालांकि कुछ जगह में तिली की फसल को नुकसान भी हुआ है। वहीं भारी बारिश से जिले की कई नगर पंचायतें व नगर पालिकाओं के नाला सफाई अभियान की पोल खुल गई। स्थिति यह है कि शहर से लेकर गांव तक लोग जलभराव की समस्या से जूझते नजर आए। वहीं बारिश से यमुना का जल स्तर भी बढने लगा। जिसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। एक रिपोर्ट--
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शहर के मोहल्लों में जलभराव, चलना दूभर
उरई। पिछले 12 घंटो से हो रही लगातार बारिश की वजह से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया है। बारिश ने पालिका के उस दावे की भी पोल खोल दी है, जिसमें पालिका कर्मचारी शहर के सभी नालों की पूर्णता सफाई का दावा कर रहे थे। शहर के मोहल्ला डिग्गी ताल, रामजीपुरम कालौनी, उमराखेड़ा, शांतिनगर, तुफैलपुरा आदि जगहों पर बारिश व नाला सफाई न होने से लोगों को जल भराव की समस्या से जूझना पड़ा। लोगों का कहना है कि कई बार पालिका से नाला सफाई की मांग कर चुके है, लेकिन अभी तक किसी ने भी सुध नहीं लिया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही हाल कालपी, महेवा, सरावन, एट, छिरिया, कुठौंद आदि क्षेत्रों का भी रहा। यहां कच्ची सड़कों का जलभराव व कीचड़ लोगों के लिए मुसीबत सा बना रहा। वाहन सवार फिसलकर गिरे तो पैदल चलने वाले भी फूंक फूंक कर कदम रखते दिखाई दिए।
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पानी निकासी न होने से जलभराव
सिरसा कलार। महेवा ब्लाक के गांव खडग़ोई दिवारा में निकासी व्यवस्था न होने से बस्ती में जलभराव हो गया है। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि ग्राम खडग़ोई मुस्तकिल में दीन दयाल के घर से रणवीर के घर तक पानी निकास के लिए नाला न होने से घरों के आगे जलभराव है। गांव के हरीशरण वीरेंद्र, अर्जुन, गजराज छककी का कहना है कि हमारे मोहल्ले में सालों से नाला खुदा पड़ा है जिससे मोहल्लें में पानी भर जाता है। स्थिति यह है कि बारिश होने पर तालाब जैसा नजारा हो जाता है, रास्ता बिल्कुल बंद हो जाता है। प्रधान पती देवदत्त का कहना है कि कालपी विधायक से संपर्क कर हल निकालेंगे जल्द।
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बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर, अलर्ट
कालपी। लगातार हो रही बारिश से यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के मुताबिक फिलहाल अभी यमुना धीमी गति से बढ़ रही है। वहीं चंबल नदी में पानी बढ़ने से गुरुवार से यमुना तेजी से बढ़ने की संभावना है। एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि यमुना में पानी बढ़ने की आशंका के चलते बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल यमुना खतरे के निशान से 12 मीटर नीचे बह रही है।
केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटे में यमुना 13 सेमी बढ़ी है। फिलहाल गति धीमी है। पर गुरुवार से यमुना तेजी से बढ़ने की संभावना है। प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है। उधर, बाढ़ की आशंका के चलते यमुना पट्टी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने भी लोगों से यमुना नदी से दूर रहने की अपील की है। एसडीएम कौशल कुमार ने बताया कि क्षेत्र की कई बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपालों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जल आयोग कार्यालय से हर घंटे की रिपोर्ट मंगाई जा रही है। बाढ़ से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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यमुना के जलस्तर पर एक नजर
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मंगलवार शाम चार बजे जलस्तर 96.18 मीटर
बुधवार शाम चार बजे जलस्तर . 96.31 मीटर
अलर्ट का निशान . 107 मीटर
खतरे का निशान . 108 मीटर
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दफ्तरों में सन्नाटा, फसलों को फायदा
कोंच। मानसून के पूरी तरह आने से किसानों को राहत मिली। मंगलवार की रात से ही कभी रिमझिम कभी तेज बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया। गर्मी से भी निजात मिल गई। पूरे दिन बारिश होने से सरकारी कार्यालयों से लेकर बैंक आदि में अघोषित अवकाश जैसा माहौल दिखाई दिया। जो दुकानें खुलीं भी वहां ग्राहक नदारद रहे। इस कारण बाजारों में सन्नाटा रहा। वहीं लगातार बारिश होने से नगर के कई स्थानों पर जलभराव व गंदगी की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ा। उधर खेतों में तिल, मूंगफली, धान आदि खरीफ फसलों को भी बारिश होने से लाभ होता दिख रहा है।
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बारिश बनी बिजली के लिए भी मुसीबत
उरई। सुबह से हो रही बारिश बिजली पर भी भारी पड़ी। शहर से लेकर गांव कस्बों तक धड़ाधड़ फाल्ट होने से बिजली संकट बना रहा। उरई के रामनगर, पटेलनगर, इंदिरा नगर, अजनारी रोड, नया रामनगर, जिला परिषद रोड, स्टेशन रोड आदि इलाकों में पूरे दिन बिजली की आवाजाही बनी रही। इसी तरह कोंच, कालपी, माधौगढ़ व जालौन तहसील क्षेत्रों में बल्लियों के सहारे दौड़ रही बिजली व्यवस्था बारिश के चलते धड़ाम सी रही। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जहां से भी फाल्ट की सूचना मिल रही है, टीमें भेजकर उसे ठीक कराया जा रहा है।