आटा। फीडर से कस्बे तक विद्युत लाइनें बुरी तरह जर्जर हो चुकी है। इस कारण अक्सर जर्जर तार टूटते रहते है। जिससे जहां बाशिंदों को किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है तो वही बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
कस्बे के लोगों का कहना है की बिजली आपूर्ति का शेड्यूल 20 घंटे निर्धारित है। पर फाल्ट की वजह से बमुश्किल दस घंटे बिजली मिल पाती है। ऐसे में यहां के लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आटा कस्वे में 50 साल से पहले लाइनें डाली गई। हालत यह है की रोजाना तार टूटता है। ग्रामीण शिवपाल, गंगाराम, सत्यम पांडे आदि ने बताया अगर रात में बारिश हो जाए। तो बिजली गुल हो जाती है। पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ती है। अंशुल तिवारी ने बताया अगर आटा फीडर अलग कर दिया जाए तो कस्बे के लोगों की आधी समस्या बिजली की दूर हो सकती है। जेई जगदीश वर्मा ने बताया शासन को जर्जर तारों के लिए लिख दिया गया है जैसे ही नई केबल मिलती है। कस्बे में जल्द से जल्द बदल दी जाएगी। (संवाद)