जालौन। पंचायत एदलपुर में पंचायत सहायक की नियुक्ति में प्रधान व सचिव पर नियमों की अवहेलना कर चहेते को नियुक्ति देने के मामले में डीएम की ओर से गठित जांच कमेटी ने मामला सही पाया। जांच कमेटी की सिफारिश के बाद ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है और ग्राम प्रधान को भी नोटिस जारी किया गया है।
एदलपुर गांव में पंचायत सहायक की नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर गांव के माधव गुर्जर ने डीएम प्रियंका निरंजन से शिकायत की थी। जिस पर डीएम ने एडीओ पंचायत को ग्राम पंचायत की बैठक बुलाकर उक्त नियुक्ति के संबंध में दोबारा प्रस्ताव कराने के निर्देंश दिए थे। दस मई को ग्राम सभा की बैठक बुलाई थी। प्रधान ने दोबारा प्रस्ताव कराने से साफ इंकार कर दिया था। इस पर उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश सिंह, जिला विकास अधिकारी सुभाष त्रिपाठी, पीडी शिवाकांत दुबे की टीम गठित की थी। टीम की जांच में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर लगे आरोप सही पाए थे। इसके अलावा सचिव राहुल पर कई अन्य कामों में भी शिकायत मिलने का दोषी पाया गया। जिला विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव राहुल सिंह को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि निलंबन अवधि के दौरान राहुल सिंह को विकास खंड नदीगांव में संबंद्ध किया गया है।
------------------
प्रधान को कारण बताओ नोटिस
डीएम ने ग्राम प्रधान को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बीडीओ संतराम ने बताया कि प्रधान ने नियमों की अवहेलना कर अपने चहेते को पंचायत सहायक के रूप में नियुक्ति दी है। अभ्यर्थी का जाति प्रमाण पत्र संलग्न होने के बाद भी जान बूझकर उसका जाति प्रमाण पत्र हटाया गया। सबसे अधिक अंक होने के बाद भी अभ्यर्थी माधव गुर्जर को पंचायत सहायक के पद से वंचित किया गया। डीएम ने दोबारा प्रस्ताव कराने के निर्देश दिए जाने के बाद भी ग्राम प्रधान ने बैठक में प्रस्ताव नहीं रखा। प्रधान से इस मामले में 20 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है।