कालपी। गल्ला मंडी परिसर स्थित सरकारी ज्वार- बाजरा खरीद केंद्र की प्रभारी पर फर्जी नंबर डालकर तौल कराने के आरोप लगने के बाद मंगलवार को किसानों ने जमकर हंगामा किया। विवाद बढ़ने से घंटों तौल कार्य बाधित रहा और किसान लाइन में खड़े इंतजार करते रहे।
एक अक्तूबर को शुरू हुए क्रय केंद्र की प्रभारी रुचिता को बनाया गया है। खरीद नवंबर से शुरू हो पाई, लेकिन अब केंद्र बंद होने में केवल 29 दिन शेष हैं। इससे किसानों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। सैकड़ों किसान रोजाना लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही हैं और मनमाने तरीके से तौल करा रही हैं।
किसान उपेंद्र और मनीष ने बताया कि वे एक सप्ताह पूर्व ट्रैक्टर- ट्रॉली भरकर केंद्र पर खड़ा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया। आरोप है कि प्रभारी फोन से फर्जी नंबर लगाकर मनचाहे लोगों की तौल करा रही हैं। किसानों का कहना है कि वे किराए पर ट्रॉली लेकर आते हैं, जिसका खर्च बढ़ता जा रहा है, फिर भी उनका नंबर नहीं लग रहा। किसानों ने केंद्र पर खरीद की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
किसान महेश यादव ने बताया कि जब उनका नंबर आया तो प्रभारी ने उपज की गुणवत्ता खराब बताकर खरीदने से इन्कार कर दिया। कई किसानों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यदि वे शिकायत करते हैं तो प्रभारी गुणवत्ता खराब बताकर उपज को रिजेक्ट कर देती हैं, इसलिए मजबूरन चुप रहना पड़ता है।
किसानों का आरोप : ‘कारखास’ से बात करने पर बदल जाती है गुणवत्ता
किसान अनिल कुमार व अजय त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि अधिक वर्षा के कारण ज्वार- बाजरा की उपज का रंग इस बार खराब है जिसका लाभ केंद्र प्रभारी उठा रही हैं। आरोप है कि प्रभारी के ‘कारखास’ से बात करने पर ही उपज की गुणवत्ता सही बताई जाती है और इसके बदले किसानों को तय राशि देनी पड़ती है जो नियम विरुद्ध है।
वर्जन
अभी तक ऐसी किसी शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी स्थिति पर नजर रखने के लिए केंद्र पर कानूनगो को तैनात किया गया है।
- मनोज कुमार सिंह, एसडीएम कालपी