कालपी। नगर के सुनियोजित विकास की दिशा में नगर पालिका परिषद ने अहम कदम उठाया है। बृहस्पतिवार को पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष अरविंद यादव की अध्यक्षता और अधिशासी अधिकारी अवनीश शुक्ला की मौजूदगी में हुई बोर्ड बैठक में सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक में लेखाकार हरिभूषण सिंह चौहान ने प्रस्ताव पढ़कर सुनाए। बोर्ड ने नगर पालिका के माह अक्तूबर व नवंबर 2025 के आय-व्यय लेखे को अनुमोदन दिया। साथ ही प्रमुख सचिव नगर विकास द्वारा नगर पालिका परिषद की निर्धारण सूची में संशोधन व परिवर्तन से संबंधित मानक उपविधि-2025 को लागू करने पर स्वीकृति दी गई।
बैठक में नगर पालिका सीमा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही नवीन प्लॉटिंग और अनियोजित कॉलोनियों के विकास पर गंभीर चिंता जताई गई। बताया गया कि इन कॉलोनियों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में पालिका को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इससे अनुदान अपर्याप्त साबित हो रहा है। इसे देखते हुए अनियोजित कॉलोनियों के विकास और अवैध अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए कॉलोनाइजर उपविधि लागू करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
इसके अलावा कालपी क्षेत्र में रजिस्ट्री बैनामा होने के बावजूद बढ़ते भूमि विवादों पर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने निर्णय लिया कि भविष्य में किसी भी बैनामा से पूर्व उप निबंधक द्वारा नगर पालिका से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। इससे भूमि विवादों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
पालिकाध्यक्ष अरविंद यादव ने कहा कि पारित प्रस्ताव नगर के नियोजित विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे। ईओ अवनीश शुक्ला ने कहा कि कॉलोनाइजर उपविधि लागू होने से अवैध निर्माण रुकेगा और पालिका पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक भार कम होगा। बैनामा से पूर्व एनओसी अनिवार्य होने से भूमि विवादों में भी कमी आएगी।
बैठक में राजस्व निरीक्षक अजीत यादव, निर्माण लिपिक सरफराज खान सहित सभासद शिशुपाल सिंह, रमेश यादव, पप्पू, रियाजुल हक, कपिल शुक्ला, विनीता अहिरवार, कमलेश कुमारी, राकेश यादव, निजाम, सुनील पटवा, अमरीश अग्रवाल, बरकत अंसारी आदि मौजूद रहे।