उरई । आटा थाना क्षेत्र में तीन साल पहले पुलिस पर हमला करने के मामले में अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने दो दोषियों को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार को सुनाए गए फैसले में दोषियों पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
थाना क्षेत्र में आठ नवंबर 2023 को तत्कालीन आटा थाना प्रभारी अर्जुन सिंह पुलिस टीम के साथ ग्राम भदरेखी के पास नून नदी की पुलिया पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एसओजी और सर्विलांस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस को सूचना मिली कि मंदिरों से घंटे चोरी करने वाले आरोपी दो मोटरसाइकिलों से आ रहे हैं और चोरी का सामान बेचने की फिराक में हैं।
पुलिस ने संदिग्ध बाइकों को रोकने का प्रयास किया तो सवार भागने लगे। पीछा करने पर एक बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद उस पर सवार आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में छविनाथ उर्फ छक्की के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने मौके से दो तमंचे, कारतूस और छोटे-बड़े कुल 24 पीली धातु के घंटे बरामद किए थे। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अटरिया मंदिर समेत अन्य मंदिरों से घंटे चोरी करने की बात सामने आई थी। विवेचना में सुल्तान निवासी नसीरपुर, मोनू वाल्मीकि, कल्लू वाल्मीकि और छविनाथ उर्फ छक्की के नाम सामने आए थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुठभेड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान मुठभेड़ में घायल हुए छविनाथ उर्फ छक्की की मौत हो गई थी। वहीं, अन्य आरोपी जमानत पर बाहर चल रहे थे। बुधवार को गवाहों के बयान, प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने मोनू वाल्मीकि और कल्लू वाल्मीकि को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि सुल्तान का ट्रायल जारी है।