उरई। पांच साल पहले किशोरी संग दुष्कर्म करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 56 -56 हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी 15 अक्तूबर 2020 को रात में तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल के लिए निकली पर थोड़ी दूर जाने के बाद वह जिला अस्पताल न जाकर घर लौटने लगी। जब वह वन विभाग वाले रास्ते के पास पहुंची तभी मोहल्ले के नीरज सैनी व गौरव ने उसे अकेला पाकर पकड़ लिया और वन विभाग की बाउंड्री के अंदर ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
उसके शोर मचाने पर लहूलुहान अवस्था में छोड़कर भाग गए। घर पहुंचकर पीड़िता ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। पुलिस ने दुष्कर्म सहित पॉक्सो एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर घटना के 24 घंटे बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके खिलाफ पुलिस ने विवेचना कर कोर्ट में तीन दिसंबर 2020 को चार्जशीट दाखिल कर दी।
पॉक्सो कोर्ट में चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहमद कमर ने नीरज सैनी ओर गौरव कुमार को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।