उरई। जमीन की रंजिश में सात साल पहले युवक की गोली मारकर कर हत्या करने वाले दो लोगों को कोर्ट ने आजीवन कारावास सुनाया है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कोटरा थाना क्षेत्र के सैदनगर गांव निवासी गजेंद्र पाल सिंह ने 14 फरवरी 2018 को कदौरा थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसका पुत्र निर्भय सिंह उर्फ गब्बर सिंह मामा के गांव हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के कहरा गांव में पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। वहां मामा ने उसे अपनी जमीन दी थी।
13 फरवरी 2018 में कहरा बेटे के पास गया था। शाम चार बजे वह बेटे निर्भय सिंह के साथ कदौरा थाना क्षेत्र के उकुरुवा जा रहे थे। इसी दौरान गांव के बाहर कहरा निवासी शेखर सिंह व उसके साथी ने उसके बेटे निर्भय सिंह की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी थी। गांव का ही सईम घायल हुए थे। निर्भय को मिली जमीन को लेकर दोनों उससे रंजिश रखते थे। पुलिस ने शेखर सिंह समेत दो के खिलाफ हत्या सहित अन्य धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसकी विवेचना प्रमोद कुमार ने की थी। विवेचना में हमीरपुर थाना क्षेत्र के कहरा गांव निवासी जगदीश सिंह का नाम प्रकाश में आया था।
पुलिस ने दो अप्रैल 2018 को शेखर सिंह व जगदीश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों के खिलाफ कोर्ट में दो अगस्त 2018 को आरोपपत्र दाखिल कर दिया था। शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर जिला जज अचल सचदेव ने शेखर सिंह व जगदीश सिंह को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।