उरई। कोरोना संकट के इस दौर में हलकी फुल्की खांसी और गले में खराश को लेकर बहुत घबराने की जरूरत नहीं है। मौसम में बदलाव और ठंडा गर्म खाने पीने से भी इस तरह की समस्या हो सकती है। इसके लिए अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसकी दवा तो आपके किचन में ही मौजूद है। आयुर्वेद के ज्ञान से खुद को सुरक्षित रखने के साथ दूसरों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. एमडी आर्या का कहना है कि सूखी खांसी व गले में खराश को दूर करने में आयुष का घरेलू उपचार भी कारगर है। ताजे पुदीने के पत्ते और काले जीरा को पानी में उबालकर दिन में एक बार भाप लेने से इस तरह की समस्या से राहत मिल सकती है। इसके अलावा लौंग के पाउडर को मिश्री शहद के साथ मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन करने से भी समस्या दूर हो सकती है। यदि इसके बाद भी दिक्कत ठीक नहीं होती है तभी चिकित्सक की सलाह लें। डॉ आर्या के मुताबिक, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के एक से एक तरीके आयुर्वेद में मौजूद हैं। जिसको आजमाकर कोरोना ही नहीं अन्य संक्रामक बीमारियों को भी अपने से दूर कर सकते हैं।भोजन में हल्दी, धनिया जीरा और लहसुन का इस्तेमाल भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा दूध में हल्दी मिलाकर पीकर, गुनगुना पानी और हर्बल चाय काढ़ा पीकर भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। योगा, ध्यान और प्राणायाम का भी सहारा लिया जा सकता है।