उरई। सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ग्राम सरेनी निवासी महेंद्र सिंह बनाफर का परिवार ननिहाल नसीरपुर में मिली खेती के कारण वहीं रहकर जीवन यापन करता है। उनका बड़ा बेटा 39 वर्षीय श्रीप्रकाश बनाफर पेशे से ट्रक चालक था और आंध्र प्रदेश की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में कार्यरत था।
बताया गया कि करीब 20 दिन पहले वह गांव आया था और गेहूं की कटाई-मड़ाई का काम कराने के बाद वापस ड्यूटी पर लौट गया था। मंगलवार रात करीब 8 बजे वह ट्रक में माल लोड कर खम्मम-वारंगल राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहा था। तभी मेकला थंडा गांव के पास सामने से आ रहे कोयले से भरे एक ट्रक ने दूसरी लेन में आकर जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा इतना भीषण था कि दोनों ट्रकों के परखच्चे उड़ गए और टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। आग की चपेट में आने से दोनों ट्रक चालक जिंदा जल गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस और दमकल टीम ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक दोनों चालकों की मौत हो चुकी थी।
बाद में ट्रांसपोर्टर द्वारा मृतक के गांव नसीरपुर में घटना की सूचना दी गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शोकाकुल परिजन आंध्र प्रदेश के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद मृतक के पिता महेंद्र सिंह और भाई रामप्रकाश का रो-रोकर बुरा हाल है।