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Jalaun News: ट्रेनें ठसाठस, रिजर्वेशन के बाद भी राहत नहीं

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उरई। दिवाली और छठ पूजा पर घर लौटने की चाह में यात्रियों को ट्रेनों में भारी भीड़ के बीच सफर करना पड़ रहा है। मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और सूरत से लखनऊ, गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश और बिहार आने वाली ट्रेनों में जगह मिलना मुश्किल हो गया है।
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बुधवार को झांसी-कानपुर रेलखंड से गुजरने वाली मुंबई की ओर से आने वाली ट्रेनों के जनरल, स्लीपर और एसी कोच तक में भीड़ रही। खासकर जनरल और स्लीपर कोच में यात्रियों को पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। आरक्षण नहीं मिलने और वेटिंग क्लीयर न होने के कारण कई यात्रियों को जनरल कोच में सफर करना पड़ रहा है।
पनवेल से गोरखपुर जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस, मुंबई-लखनऊ पुष्पक एक्सप्रेस, मुंबई-सीतापुर एक्सप्रेस, मुंबई-गोरखपुर संत कबीर नगर एक्सप्रेस, अंत्योदय एक्सप्रेस, पुणे-गोरखपुर दैनिक स्पेशल, मुंबई-गोरखपुर दैनिक स्पेशल, मुंबई-प्रतापगढ़ उद्योगनगरी एक्सप्रेस, वलसाड-कानपुर उद्योगकर्मी एक्सप्रेस और मुंबई-अयोध्या जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को आरक्षण के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इससे त्योहार पर घर पहुंचने की तैयारी कर रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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दो महीने पहले कराया आरक्षण, फिर भी नहीं मिली सीट
तुलसीपुर निवासी चंद्रशेखर पनवेल में फर्नीचर का काम करते हैं। दीपावली मनाने घर लौट रहे चंद्रशेखर को आरक्षण नहीं मिल सका, जिसके कारण उन्हें जनरल कोच में सफर करना पड़ा। बताया कि पनवेल से तुलसीपुर तक खड़े होकर यात्रा करनी पड़ सकती है।


वेटिंग नहीं हुई क्लीयर, रास्ते भर हुई दिक्कत
शोहरतगढ़ निवासी दीपक कुमार मुंबई में एक होटल में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली और छठ पूजा पर घर आने के लिए दो महीने पहले आरक्षण कराया था, लेकिन वेटिंग क्लीयर नहीं हुई। मजबूरी में जनरल कोच से यात्रा करनी पड़ी, जिससे काफी परेशानी हुई।


-गोरखपुर और बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की मांग
यात्रियों ने दिवाली और छठ पूजा के मद्देनजर झांसी-कानपुर रेलखंड पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि मुंबई से गोरखपुर और बिहार के लिए दो से तीन अनारक्षित ट्रेनें चलाई जाएं, ताकि यात्रियों को भीड़ के बीच जोखिम भरा सफर न करना पड़े और वे समय से अपने घर पहुंच सकें।
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वर्जन
नियमित ट्रेनों के अलावा रेलवे की ओर से कई स्पेशल ट्रेनों का पर्याप्त संचालन किया जा रहा है, ताकि त्योहार के दौरान यात्रियों को परेशानी न हो।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ
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