उरई। कानपुर से झांसी की ओर जा रही मालगाड़ी में उरई रेलवे स्टेशन पर एक सिरफिरे ने पत्थर से हमला कर दिया। इससे इंजन के केबिन का कांच टूट गया। अचानक हुई इस घटना से चालक ने तत्काल ट्रेन को उरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पर तीन खड़ा कर दिया। थ्रू जा रही मालगाड़ी के अचानक रुकने से हड़कंप मच गया। डिप्टी एसएस केसी सोनी ने चालक अंगद कुमार वर्मा से पूछा। चालक ने हमले की जानकारी दी। इस पर आरपीएफ भी मौके पर पहुंची। उन्होंने घेराबंदी कर करीब 15 मिनट में सिरफिरे को पकड़ लिया।
घटना रविवार की सुबह 8.20 बजे की है। कानपुर से कोयला लेकर जा रही मालगाड़ी झांसी के लिए थ्रू जा रही थी। ट्रेन प्लेटफार्म नंबर तीन से गुजर रही थी। तभी अचानक एक पत्थर ट्रेन के इंजन के शीशे में लगा। केबिन का कांच चकनाचूर हो गया। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका और तत्काल डिप्टी एसएस उरई एवं कंट्रोल रूम झांसी को सूचना दी। इससे हड़कंप मच गया। इस पर आरपीएफ दरोगा डीवी सिंह, अवधेश सिंह, देवीप्रसाद आदि मौके पर पहुंचे। आरपीएफ को देखकर युवक ने उन पर भी पत्थर तान दिया। किसी तरह सिरफिरे युवक को पकड़ा गया। इस कारण ट्रेन 8.20 बजे से 9.22 बजे एक घंटे तक खड़ी रही। जांच पड़ताल के बाद ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
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संत कबीरनगर एक्सप्रेस को दूसरे प्लेटफार्म से निकाला
इस घटना के कारण गोरखपुर से मुंबई जाने वाली संत कबीरनगर एक्सप्रेस (20104) को ट्रैक बदलकर प्लेटफार्म नंबर तीन की बजाय प्लेटफार्म नंबर एक से निकाला गया। इसके चलते प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़े यात्रियों को प्लेटफार्म एक पर आकर ट्रेन पकडनी पड़ी। इससे यात्रियों को दिक्कतें हुई। वहीं संत कबीरनगर एक्सप्रेस को भी पांच मिनट अतिरिक्त रोका गया।
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बलरामपुर का रहने वाला है सिरफिरा
ट्रेन में पत्थर मारने वाला सिरफिरा युवक बलरामपुर जिले के लक्ष्मणपुर का निवासी है। इसके पिता रामवृक्ष यादव ने आरपीएफ को फोन से हुई बातचीत में बताया कि युवक की मानसिक रूप से बीमार है। वह तीन दिन पहले घर से गायब हुआ था। वह लोग उसकी खोजबीन में लगे थे। उरई स्टेशन कैसे पहुंचा, वह नहीं बता पाएंगे। हालांकि उसके परिजन बलरामपुर से उरई के लिए रवाना हो गए हैं। आरपीएफ का कहना है कि परिजनों के आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मामले से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।