कालपी। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध नगर एक बार फिर धार्मिक उत्साह और भाईचारे के रंग में रंग गया। उर्स आलिया मोहम्मदिया के दूसरे दिन मंगलवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन हुआ।
दरगाह खानकाह शरीफ के सज्जादानशीन मौलाना सैयद ग्यासुद्दीन मियां के नेतृत्व में हज़ारों अकीदतमंदों ने शिरकत की। जुलूस की शोभा ने लोगों में जुनून ला दिया। कई संगठनों और समुदायों के लोगों ने जगह-जगह स्वागत कर इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जुलूस की शुरुआत मोहल्ला रावगंज स्थित हजरत मखदूम साहब के आस्ताने से हुई, जहां नगर के विभिन्न मदरसों के बच्चे, धार्मिक कमेटियों के कार्यकर्ता अपने-अपने झंडे और बैनर लेकर एकत्रित हुए। छोटे-बड़े वाहनों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भव्यता प्रदान की।
दोपहर तीन बजे इस्लामी परचम लहराते हुए जुलूस शुरू हुआ और महमूदपुरा, दुर्गा मंदिर चौराहा, बाईपास, हरीगंज चौराहा, जुलैहटी चौराहा, फुलपावर, टरननगंज बाजार, बिजलीघर जैसे प्रमुख मार्गों से होता हुआ शाम छह बजे खानकाह शरीफ की दरगाह पर संपन्न हुआ।
फुलपावर चौराहे पर दीवान अतीक सिद्दीकी, परवेज कुरैशी, जगजीवन अहिरवार, सुलेमान सुनार, शोएब खान, रशीद अहमद, महबूब सिद्दीकी, जब्बार राईन चौधरी, शिवबालक सिंह यादव, शिवम यादव ने जुलूस का स्वागत किया। जुलूस में दावत-ए-इस्लामी, मदरसा गौसिया, मस्जिद मजीदिया सहित विभिन्न धार्मिक कमेटियों के सदस्य रंग-बिरंगे परिधानों और पगड़ियों में सजे अपने आका सल्लल्लाहो अलैहि वस्सलम की शान में नात और कलाम पढ़ते हुए चल रहे थे। इस दौरान शहर पेश इमाम मौलाना नजमुल हुदा, कारी शमशुद्दीन रहमानी, हाफिज इरशाद, कारी अब्दुल समी आदि रहे।