लाडपुर की महिलाएं समस्या बताती
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कुठौंद (जालौन)। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के लिए क्षेत्र के लाड़पुर दिवारा गांव मुख्यमंत्री पहुंचे लेकिन जिला प्रशासन की सख्ती के चलते गांव के लोग न तो उनसे मिल पाएं और न ही अपनी समस्याएं सुना पाएं। इससे ग्रामीणों में मायूसी रही।
आजादी के बाद से जनपद की यमुना नदी किनारे बीहड़ पट्टी में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का आगमन हुआ। सीएम के कार्यक्रम की सूचना आने के बाद से ही गांव के लोग काफी खुश थे। उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनसे मिलेंगे और उनकी दिक्कतें जानेंगे लेकिन मंगलवार को कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव के महिला-पुरुषों को कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाने दिया। गांव की महिला भूरी देवी, जयदेवी, केशकली, रमाकांती, बंदनादेवी, हेमादेवी, मेवालाल दुलारी, ग्यादेवी, जूली, संगीतादेवी का कहना है कि एक्सप्रेसवे गांव के पास बनने से ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला है।
गांव के लोगों को खेत व बाजार जाने के लिए काफी लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। एक्सप्रेसवे पर कोई भी अंडरपास नहीं बनाया गया है। वहीं एक्सप्रेस वे बन जाने के बाद यमुना की तलहटी में बसा यह गांव बाढ़ में भी डूब जाएगा। इसी समस्या को गांव के लोग मुख्यमंत्री से बताना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया, इसका उन्हें अफसोस रहा।