उरई/मुहम्मदाबाद। उरई-चिल्ली मार्ग पर बना अस्थायी पुल तीन दिन पहले बारिश में टूट गया। इससे 12 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। मुख्यालय जाने के लिए लोगों को अब सात किलोमीटर की जगह 24 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
डकोर ब्लॉक के उरई-चिल्ली मार्ग पर चिल्ली गांव के पास पुलिया का निर्माण एक साल से चल रहा है। छोटे वाहनों को निकालने के लिए इसी पुलिया के बगल से अस्थायी पुल बनाया गया था। इसके टूट जाने से लोगों को टिमरों के बगल से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की सर्विसलेन होते हुए 24 किलोमीटर का चक्कर लगाकर डकोर से मुख्यालय उरई आना पड़ रहा है। वहीं, पहले सिर्फ सात किलोमीटर सीधा मुख्यालय का रास्ता था। ग्रामीण आशीष तिवारी, लवली तिवारी, रविकांत, मनीष राजा, दीपक परिहार ने अस्थायी मार्ग को दोबारा बनाने की मांग की है।
चिल्ली निवासी उपेंद्र परिहार का कहना है निर्माणाधीन पुलिया के चलते बगल से अस्थायी पुल बना दिया गया था। इससे एक दर्जन गांवों के लोगों का आना-जाना रोज शहर से होता है, लेकिन तीन दिन पूर्व तेज बारिश हुई जिसके चलते अस्थाई पुल बह गया है। अब वहां निकालने में डर लगा रहता है। पानी भी चल रहा है।
अजनारी निवासी राकेश कुशवाहा का कहना है यह मार्ग कोटरा से भी जोड़ता है। अब वहां जाने के लिए बहुत लंबा चक्कर लगाकर एट होते हुए जाना पड़ रहा है। अगर क्षेत्र में कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस को भी चक्कर लगाकर आना पड़ेगा। इसीलिए जल्द से जल्द अस्थायी पुल बना दिया जाए।
इन गांव का कटा रास्ता
चिल्ली, इकहरा, बिरगुआ, टिमरों, फूलपुरा, जैसारी, गोरन, बरसार, कोटरा आदि जगहों का रास्ता काटने से घूम के जाना पड़ रहा है।
वर्जन
पानी का बहाव अधिक होने से यह समस्या आई है। पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।
- इंदल सिंह, जेई पीडब्ल्यूडी