फोटो - 26 ब्लैकआउट मॉकड्रिल में घायल को ले जाते सुरक्षा कर्मी। संवाद
उरई। युद्ध और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन परिसर में नागरिक सुरक्षा की ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। हवाई हमले की चेतावनी से पुलिस लाइन में गूंजी और अभ्यास शुरू हो गया।
मॉकड्रिल की शुरुआत दो मिनट तक ऊंची-नीची तेज आवाज में सायरन बजाकर की गई। इससे हवाई हमले की चेतावनी दी गई। इसके बाद नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई गई। स्थिति सामान्य होने पर दो मिनट तक सामान्य ध्वनि में सायरन बजाकर ‘ऑल क्लियर’ का संकेत दिया गया।
अभ्यास के दौरान हवाई हमले से आग लगने की स्थिति को भी दर्शाया गया। अग्निशमन विभाग की टीम ने फायर टेंडर और आधुनिक उपकरणों की मदद से आग पर तेजी से काबू पाने का प्रदर्शन किया। वहीं, क्षतिग्रस्त भवनों से घायलों को बाहर निकालकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। गंभीर घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास भी किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, एडीएम संजय कुमार ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को हर समय सतर्क रहने और आपसी समन्वय मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी मॉकड्रिल आपात परिस्थितियों में मानव जीवन की रक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। इससे प्रशासन और आपात सेवाओं की तत्परता बढ़ती है और वास्तविक संकट के समय नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।
फोटो - 26 ब्लैकआउट मॉकड्रिल में घायल को ले जाते सुरक्षा कर्मी। संवाद