उरई। रामकुंड पार्क के अंदर सुंदरीकरण के लिए तालाब की खुदाई हो रही है। खुदाई में जो मिट्टी निकल रही है। वह कहां जा रही है। इसकी किसी को जानकारी नहीं है। जबकि खुदाई के बाद मिट्टी को कहां डालना है। इसकी अभी तक नगर पालिका ने इजाजत नहीं दी है। इन सबके बाद भी एक हजार ट्रॉली से अधिक मिट्टी तालाब से खोदकर बेच दी गई।
इसकी जानकारी नगर पालिका को तब हुई जब किसी ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद नगर पालिका हरकत में आई और ठेकेदार को नोटिस जारी किया। रामकुंड पार्क के सुंदरीकरण के लिए 1.10 करोड़ रुपये शासन से पास हुए हैं। बजट आने के बाद ठेकेदार ने काम भी शुरू कर दिया। काम की शुरूआत तालाब में खुदाई के साथ हुई। 25 मई को ठेकेदार ने नगर पालिका से मिट्टी की खुदाई के लिए परमीशन मांगी थी।
ठेकेदार को नगर पालिका परमीशन में मिट्टी खुदाई के साथ उस मिट्टी को कहां डालना है। इन सबकी जानकारी देती, लेकिन नगर पालिका से अभी तक कोई परमीशन नहीं मिली है। इसके बाद भी मिट्टी की खुदाई चालू हो गई। ये खेल करीब एक सप्ताह से चल रहा है। आसपास के लोग इस मंजर को समझ भी नहीं पाए। इसी बीच एक व्यक्ति ने खुदाई से लेकर खाली प्लॉटों में तालाब की भरी जा रही मिट्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला। वीडियो वायरल होने के बाद नगर पालिका की भी किरकिरी हो गई।
इसी बीच नगर पालिकाध्यक्ष गिरजा चौधरी ने ठेकेदार के खिलाफ नोटिस जारी किया कि उनकी बिना अनुमति के कैसे मिट्टी की खुदाई की गई। जो मिट्टी की खुदाई हुई है। वह मिट्टी कहां गई। उन्होंने बताया कि अगर मिट्टी नहीं मिलती है तो नगर पालिका उनके बजट से पैसे काटेगी। उसी से मिट्टी की भरपाई होगी।