कालपी। कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पुराने यमुना पुल पर अब रोजाना गुजरने वाले करीब सात हजार भारी वाहनों का रूट बदल जाएगा। ये वाहन दुर्गा मंदिर के सामने से मोड़ दिए जाएंगे और नए यमुना पुल से आवागमन करेंगे।बियरिंग की मरम्मत के चलते एनएचआईटी ने ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला किया है। अगले एक-दो दिन में नई यातायात व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
झांसी-कानपुर हाईवे पर मुंबई, गुजरात और मध्य प्रदेश से आने वाले भारी वाहन कानपुर की ओर जाते हैं, जबकि कानपुर और लखनऊ की दिशा से भी बड़ी संख्या में ट्रक और बसें झांसी की तरफ गुजरती हैं। अब इन सभी वाहनों को दुर्गा मंदिर के सामने से डायवर्ट कर नए पुल की ओर भेजा जाएगा। इसके बाद वाहन चौरा मार्ग होते हुए आगे के लिए रवाना होंगे।
भारी वाहनों के डायवर्जन के लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसी ने डिवाइडर तोड़कर वैकल्पिक मार्ग लगभग तैयार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, एक-दो दिन के भीतर पूरी व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। पुराने पुल से केवल छोटे वाहनों को ही गुजरने की अनुमति होगी।
पुराना यमुना पुल लंबे समय से पूर्व और पश्चिम दिशा के यातायात का मुख्य माध्यम बना हुआ है। लेकिन लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और ओवरलोड वाहनों के कारण पुल की संरचना पर असर पड़ा है। वर्ष 2015 में पुल की एक बीम चटकने के बाद करीब छह माह तक मरम्मत कार्य चला था। उस समय भी भारी वाहनों पर रोक लगाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन बाद में फिर आवाजाही शुरू हो गई।
जाम बढ़ने की आशंका
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर और हाईवे पर जाम की समस्या बढ़ सकती है। जिस स्थान से भारी वाहनों को नए पुल की ओर मोड़ा जाएगा, वहीं से तरीबुल्दा और हीरापुर बालू घाट के ट्रक भी गुजरते हैं। ऐसे में सात हजार अतिरिक्त वाहनों का दबाव बढ़ने से चौरा और आसपास के क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
वर्जन
पुल से जल्द ही बड़े वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी जाएगी। केवल छोटे वाहनों को ही पुराने पुल से गुजरने दिया जाएगा, जबकि ट्रक और बसों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा। मरम्मत कार्य पूरा होने में कुछ माह लग सकते हैं।
- उत्तम सिंह, परियोजना प्रमुख, एनएचआईटी