फोटो 5- जर्जर परासन मार्ग से गुजरता तिपहिया वाहन। संवाद
- 38 लाख की लागत से बनी सड़क चार साल में उखड़ी
- ओवरलोड बालू भरे ट्रकों ने बिगाड़ी सड़क की सूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
आटा। परासन गांव की चार किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। यह सड़क कालपी-राठ मार्ग से जुड़ती है और परासन ग्राम पंचायत के मजरा डेरा सहित कई गांवों की मुख्य कड़ी है। 2020-21 में पीडब्ल्यूडी ने मार्ग का निर्माण 38 लाख रुपये से कराया था। निर्माण के दौरान करीब 300 मीटर सीसी भी डलवाई गई थी, लेकिन महज चार साल में ही सड़क जर्जर हो गई है।
राठ-कालपी मार्ग से परासन गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर ओवरलोड बालू भरे ट्रकों की लगातार आवाजाही होती है। भारी दबाव के कारण सड़क छलनी हो चुकी है। गड्ढों में पानी भरने से गहराई का अंदाजा तक नहीं लगाया जा सकता। कदम-कदम पर गड्ढे हैं। जहां पहले गांव पहुंचने में दस मिनट लगते थे, अब वही रास्ता तय करने में तीस मिनट से ज्यादा समय लग रहा है।
गांव के धमेंद्र सिंह, ब्रजभान, संजय सिंह, शिवकुमार, कुनहेटा के दिलीप, अलमोरी डेरा के हरिशंकर, सीताशरण और कुइयाझोर डेरा के स्वमीदीन ने बताया कि सड़क केवल परासन गांव ही नहीं, बल्कि कुनहेटा, अलमोरी डेरा, मोहरदेवी डेरा और कुइयाझोर गांवों को भी जोड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए मार्ग जानलेवा साबित हो रहा है। गहरे गड्ढों में पानी भरने से वाहन फंस जाते हैं और आए दिन हादसे होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
जिम्मेदार बोले-रिपोर्ट शासन को भेजी गई है
वर्जन-
सड़क पर ओवरलोड वाहनों के चलते इसकी स्थिति बिगड़ी है। इस मार्ग को योजना में शामिल कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है, निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।-अतुल पाल, जेई पीडब्ल्यूडी