सूखे की विभीषिका से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसानों की बदहाली की व्यथा
इलाकाई सांसद व पूर्व राज्यमंत्री ने यूपी के राज्यपाल को बताते हुए सिंचाई
की समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। बुंदेलखंड के किसानों की
मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले कई वर्षों से यहां का किसान
सूखा, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि जैसी विभीषिकाओं को
झेलते-झेलते तबाह हो गया
है। पिछली रबी की फसल को अतिवृष्टि और ओलावृष्टि ने नष्ट कर दिया और
मौजूदा फसल भी सूखे की मार खा गई है। इसके चलते यहां का किसान भुखमरी की
कगार पर है। सैकड़ों किसान आत्महत्याएं कर चुके हैं। बुंदेलखंड के लिए
मुख्यमंत्री ने चौबीसों घंटे बिजली मुहैया कराने की घोषणा भले ही करके अपनी
पीठ थपथपा ली हो लेकिन
हालत यह हैं कि ट्यूबवेल चलाने के लिए दो घंटे भी
बिजली मयस्सर नहीं है। तमाम सरकारी नलकूपों की हालत खराब है। नहरों के
परिचालन का कोई मुकम्मल शेड्यूल न होने के कारण किसान भगवान भरोसे ही है।
ऐसी तमाम समस्याओं का खुलासा इलाके के सांसद भानुप्रताप वर्मा, पूर्व
राज्यमंत्री उत्तरप्रदेश शासन हरिओम उपाध्याय, नगर के युवा समाजसेवी
अधिवक्ता सुनील लोहिया ने यूपी के राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर उन्हें
बताईं। इन लोगों ने राज्यपाल से आग्रह किया कि बुंदेलखंड खासतौर पर जनपद
जालौन में सिंचाई के उचित इंतजाम कराए जाएं ताकि किसानों की तकलीफें दूर हो
सकें।