फोटो 36 मृतक कैलाश की फाइल फोटो
- फोटो : Samvad
उरई। रामपुरा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर जागीर में दो भाइयों की खूनी रंजिश का अंत इतना मार्मिक होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था। जो भाई एक-दूसरे के खून के प्यासे बन चुके थे, उनकी चिताएं मंगलवार देर रात अगल-बगल जलीं तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
सोमवार को खेत में गेहूं की थ्रेसिंग के दौरान हुए विवाद में पहले छोटे भाई जितेंद्र उर्फ अल्लू ने बड़े भाई कैलाश को गोली मार दी थी। इसके बाद पिता जयनारायण और छोटे भाई गुड्डू ने मिलकर जितेंद्र पर हंसिया और लाठियों से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी थी।
घटना के बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। मंगलवार देर रात जब दोनों भाइयों के शव गांव पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान जब दोनों की चिताएं पास-पास सजाई गईं और एक साथ अग्नि दी गई, तो वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह गया।
ग्रामीणों का कहना था कि जिन भाइयों के बीच इतनी दुश्मनी हो गई थी कि एक-दूसरे की जान लेने पर उतर आए, आखिर में उनकी अस्थियां भी अगल-बगल जलती रहीं। यह दृश्य देख हर किसी के मुंह से यही निकला—“जरा सी जिद और गुस्से ने पूरा परिवार उजाड़ दिया।”
परिजनों की चीख-पुकार और मासूम बच्चों का रोना माहौल को और भी दर्दनाक बना रहा था। एक ही परिवार के 11 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाने से गांव में मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय रहते विवाद सुलझ जाता तो शायद यह दिन देखने को नहीं मिलता। अब गांव में हर कोई यही कह रहा है कि गुस्से में लिया गया एक फैसला पूरे परिवार की खुशियां छीन ले गया।
फोटो 36 मृतक कैलाश की फाइल फोटो- फोटो : Samvad