कोटरा। समय सीमा निकलने के बाद भी उरई से कोटरा को जोड़ने वाला पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। अधूरे पुल की वजह से सात माह से अधिक समय से लोगों को जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। इस मार्ग से करीब 50 गांवों के लोगों का रोजाना आवागमन होता है।
उरई मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर कोटरा मार्ग की मुख्य सड़क पर पुल का निर्माण किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब आठ माह पहले इसे ध्वस्त करा दिया गया था। शासन ने पुल के निर्माण के लिए करीब डेढ़ करोड़ का बजट जारी कर नौ सितंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। समय सीमा बीतने के बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। पुल के एक ओर कच्ची मिट्टी डालकर वाहनों के निकलने का रास्ता बनाया गया है।
पुलिया निर्माण का काम पिछले छह माह से चल रहा है लेकिन दोनों साइड का काम अधूरा है। लोगों का कहना है कि जानबूझकर देरी की जा रही है। कस्बा निवासी जितेंद्र गुप्ता, रोहित, अंकित गुप्ता आदि का कहना है कि ठेकेदार द्वारा शिथिलता पूर्वक निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे अभी तक ठीक ढंग से पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। कोटरा से उरई के लिए इस मार्ग से 50 से अधिक गांव गोरन ,टिमरो, बरसार, सीकरी व्यास, खदानी, बिनौरा कुरकुरू, सैदनगर, पुर, जैसारी, खिल्ली व इकहरा के लोगों का आना-जाना रहता है। यही एकमात्र मुख्य सड़क है। पीडब्ल्यूडी के जेई जितेंद्र सिंह ने बताया कि एक ओर की साइड बनकर तैयार हो गई है। दूसरी ओर भी मिट्टी की भराई का काम जल्दी पूरा किया जाएगा।