मुहम्मदाबाद। दो जिलों हमीरपुर व जालौन को जोड़ने वाले बेतवा नदी पर बना मुहाना पुल जहां क्षतिग्रस्त हो गया है, वहीं उसमें दरारें भी नजर आने लगी हैं। इसके अलावा दोनों ओर पुल को जोड़ने वाली एक-एक किलोमीटर की सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर वाहन हिचकोले खाते हुए सवारियों की जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। लोगों का कहना है कि किसी दिन बड़ा हादसा होने पर ही अधिकारी ध्यान देंगे।
जिले की हमीरपुर सीमा को जोड़ने वाला मुहाना गांव के पास स्थित बेतवा नदीं पर पुल का निर्माण वर्ष 1973 में बनना शुरू हुआ था। वर्ष 1983 में यह पुल बनकर तैयार हो गया था। बेतवा नदी पर बना यह पुल लगभग एक किलोमीटर लंबा और लगभग 40 साल पुराना है। जब इसका निर्माण हुआ था तब इस पुल की उम्र सीमा 70 वर्ष के लगभग आंकी गई थी। लेकिन ओवरलोड वाहनों के आवागमन के कारण यह पुल अपनी अवधि के बमुश्किल आधा बसंत ही पार कर पाया और इसकी हालत जर्जर होने लगी।
मौरंग लादे ओवरलोड हजारों वाहनों के आवागमन के कारण पुल के जहां ज्वाइंटर खुल गए हैं वहीं दरारें भी नजर आने लगी हैं। अब जहां पुल के ऊपर से सरिया निकल आए हैं, वहीं दरारें भी दिखने लगी हैं। लेकिन इसके बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। वहीं इसके दोनों ओर एक-एक किलोमीटर सड़क भी गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे यहां से लोगों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है।
मुहाना गांव निवासी सुरेंद्र कुमार, राजकुमार, दीन दयाल, तिलक सिंह, रामसहायं, हिरदेश, बृजमोहन आदि ने बताया कि मुहाना तक जालौन की सीमा है। इसके बाद हमीरपुर की सीमा शुरू हो जाती है। हमीरपुर की सीमा का पहला गांव चिकासी है। लेकिन जर्जर पुल व आसपास की खराब गड्ढेदार सड़क में करीब एक घंटे का समय लगता है। बताया कि गड्ढे इतने बड़े हो गए हैं कि आधा वाहन उसी में समा जाता है। कई बार बसें व ट्रक इन गड्ढों में घुसकर पलट चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इस मार्ग का सुधार नहीं हो पा रहा है।
एक बार के बाद दोबारा कोई इस सड़क से नहीं गुजरता
फोटो - 24 अंकित राजपूत।
मुहाना गांव निवासी अंकित राजपूत ने बताया कि इस रास्ते से खजुराहो, बांदा, हमीरपुर, राठ, चित्रकूट आदि के लिए यही रास्ता है। लेकिन इसके बाद भी यह मार्ग पूरी तरह से बदहाल हो गया है। जो एक बार यहां से निकलता है। वह दोबारा इस सड़क पर नहीं आता है।
दो किलोमीटर मार्ग में एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता
फोटो - 25 वसीम।
राठ निवासी वसीम ने बताया कि उरई आने के लिए राठ से दूरी केवल पचास किलोमीटर है। लेकिन चिकासी तक उन्हें आने में केवल आधा घंटे लगता है। लेकिन चिकासी से मुहाना तक दो किलोमीटर मार्ग में एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। अगर कहीं जल्दी जाना है, तो घर से दो घंटे पहले निकलना पकड़ता है।
वर्जन
सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही अपने हिस्से की सड़क को सही करवा दिया जाएगा। जबकि कुछ हिस्सा हमीरपुर जिले में पड़ता है। -सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग