जालौन जिले के मुहम्मदाबाद में बाइक से गुजरता परिवार मुहम्मदाबाद (जालौन)। चालीस डिग्री के आसपास क?
- फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद (जालौन)। चालीस डिग्री के आसपास का तापमान, उस पर सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे और उन गड्ढों से गुजरती वीर प्रताप की बाइक और बाइक पर गृहस्थी के साथ दो बच्चे आकांक्षा व राहुल और उस पर पीछे पत्नी गीता के हाथ में मुर्गा और मुर्गियां दिखाई दें तो लगेगा कि 100 मीटर का सफर भी कठिन होगा, लेकिन जानकर हैरत होगी, इन हालातों में भी कोई घर पहुंचने के लिए 400 किमी. का सफर तय कर सकता है। हैरत न करें, पेट की आग सब कुछ करा देती है, लॉकडाउन ने काम धंधा खत्म करा दिया तो अपनों के पास लौटने के लिए कूलर में घास भरने वाला वीर प्रताप परिवार को लेकर बाइक से ही रामपुर से अपने घर राठ के लिए निकल पड़ा। बाइक पर बच्चों और गृहस्थी के साथ पत्नी गीता एक हाथ से अपने पाले हुए एक मुर्गा, दो मुर्गियों को भी मजबूती से पकड़े थी। जिसने देखा, उसे ही इस हालत में 400 किमी. का सफर तय करने पर विश्वास नहीं हो रहा था।
राठ निवासी वीर प्रताप ने बताया कि वह रामपुर में रहकर सर्दियों में चप्पलों की फेरी और गर्मियों में कूलर में घास आदि भरने का काम करता था। दिसंबर के महीने में ही वह राठ से रामपुर गया था। तीन माह बाद ही लॉकडाउन हो गया, बीमारी फैली सो अलग। फिर सोचा कि लाकडाउन में छूट के साथ ही गर्मी का सीजन भी आएगा तो काम चल जाएगा, इस कारण रुके रहे, लेकिन लाकडाउन खुलने पर भी जब काम नहीं शुरू हो सका तो चिंता बढ़ी और फिर रविवार को परिवार के साथ घर के सफल पर निकलने का फैसला कर लिया।
तब समस्या आई कि दो मुर्गियां मीना और डाली व मुर्गे सुल्तान जिन्हें उन पति पत्नी ने बड़े प्यार से पाला था, दोनों बच्चे आकांक्षा और राहुल भी मुर्गा मुर्गी को साथ ले चलने की जिद करने लगे। ऐसे में पत्नी गीता ने हिम्मत दिखाई और एक हाथ में मुर्गा, मुर्गी और दूसरे हाथ से 6 साल की आकांक्षा को पकड़ा और निकले पड़े लंबे सफर पर, रास्ते में तमाम जगह बाइक गड्ढे में पड़कर उछली भी लेकिन बच्चों की तरह मुर्गा, मुर्गी को भी गीता अपने कलेजे से लगाकर यहां तक ले आई। अब तो बस घर कुछ ही दूरी पर है। सोमवार की शाम से पहले वे घर पहुंच भी जाएंगे।