उरई। कोविड की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) रविवार को होगी। इसके लिए शनिवार को तैयारी को अंतिम रूप दिया गया। सभी सेंटरों पर रोल नंबर के मुताबिक सीटिंग प्लान बना दिया गया। सीटिंग व्यवस्था के लिए दो गज की दूरी का पालन किया गया है।
परीक्षा के लिए आचार्य नरेंद्र देव इंटर कालेज में कक्ष निरीक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। परीक्षा केंद्र के पर्यवेक्षक व परमहंस इंटर कालेज देवगांव के प्रधानाचार्य प्रदीप गुप्ता ने परीक्षा नकल विहीन और पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए। प्रधानाचार्य पुनीत भारती ने कहा कि जिसकी ड्यूटी हो वह परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पहले केंद्र पर आ जाए। आठ बजे से ही परीक्षार्थी की इंट्री शुरू हो जाएगी। गेट पर ही जांच होगी। इसलिए परीक्षार्थी अंगूठी, घड़ी, चेन पहनकर न आए और न ही पर्स लेकर आए। स्मार्टफोन की हर तरह से पाबंदी रहेगी। फोन लेकर आने वाले को केंद्र पर प्रवेश नहीं मिलेगा। दोनों पालियों में इसी तरह की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी विजय बहादुर सचान ने कहा कि परीक्षा के दौरान कोविड 19 के नियमों का पालन किया जाए। सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त रखे जाए। बैठक में अनिल कुमार गुप्ता, ब्रजेंद्र अहिरवार, अतुल, सुनील पालीवाल, नासिर हसन, नौशाद परवीन आदि मौजूद रहे।
डीआईओएस भगवत पटेल ने बताया कि परीक्षा दो पालियों में होगी। इसमें प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 35 केंद्र और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 24 केंद्र बनाए गए हैं।
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केंद्र के आसपास की दुकानें रहेगी बंद
परीक्षा के दौरान पांच सौ मीटर के दायरे की दुकानें बंद रखने का निर्देश दिया गया है। फोटोकॉपी और कैफे पर विशेष निगाह रखी जाएगी।
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कोविड लक्षण वाले परीक्षार्थी बैठेंगे अलग
परीक्षा केंद्र के बाहर हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। इसमें ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर के साथ परीक्षार्थियों की जांच की जाएगी। यदि किसी में कोरोना का संक्रमण मिलता है या कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण मिलते है तो ऐसे परीक्षार्थी को अलग कक्ष में बैठाया जाए। साथ ही अलग कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई जाएगी। यदि कक्ष निरीक्षक में कोरोना के लक्षण मिलते है तो उसे ड्यूटी से हटा दिया जाएगा।
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तीन जोन, सात सेक्टर में बांटे गए केंद्र
पारदर्शी परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों को सात सेक्टर और तीन जोन में बांटा गया है। इसके लिए तीन जोनल मजिस्ट्रेट, 7 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 35 स्टेटिक मजिस्ट्रेट बनाए गए है। जबकि 70 पर्यवेक्षक बनाए गए है। जिसमें 35 शिक्षा विभाग के अधिकारी है और 35 प्रशासनिक अधिकारी है। इसके अलावा दस प्रशासनिक सचल दल बनाया गया है। जबकि तीन विभागीय सचल दल बनाए गए हैं। परीक्षा के लिए दस हजार अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी परीक्षा के लिए लगाई गई है।
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जनपद में कुल परीक्षार्थियों की संख्या
प्राथमिक स्तर-17198
उच्च प्राथमिक स्तर-11611
कुल परीक्षार्थी-28809