उरई। पालिकाध्यक्ष व सभासद के बीच मंगलवार को विवाद के बाद रात में पालिकाध्यक्ष का बेटा अपने दोस्तों के साथ सभासद के घर जा पहुंचा। वहां परिजनों से मारपीट होने पर जुटी भीड़ ने पालिकाध्यक्ष के बेटे को पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। दोनों पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। एसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ को सौंपी है।
बता दें कि मंगलवार दोपहर नगर पालिकाध्यक्ष अनिल बहुगुणा व वार्ड नंबर सात के सभासद शनि उर्फ संतोष कुमार (निवासी उमरारखेड़ा) के बीच कोटेशन मांगने पर विवाद हुआ। मामला मारपीट तक पहुंचा लेकिन मौजूद कर्मचारियों व अन्य सभासदों ने बीचबचाव कर दोनों को शांत करा दिया। बाद में दोनों पक्षों ने कोतवाली पहुंचकर शिकायत की। सभासद के परिजनों का आरोप है कि इसके बाद देर रात पालिकाध्यक्ष का बेटा शुभम अपने कई साथियों के साथ उमरारखेड़ा घर आ धमका। परिजनों के साथ मारपीट करने लगा। चीख पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए और पालिकाध्यक्ष के बेटे की पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल शिवम को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
बुधवार को उमरारखेड़ा निवासी संगीता पत्नी शनि उर्फ संतोष कुमार ने कई महिलाओं के साथ एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि मंगलवार रात दस बजे पालिकाध्यक्ष के पुत्र शुभम ने अपने आधा दर्जन साथियों के साथ उसके घर पहुंचकर मारपीट की, जातिसूचक गालियां दीं। पति, सास, ससुर सहित उसकी भी पिटाई की। महिलाओं ने एसपी से पालिकाध्यक्ष पुत्र व उसके साथियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
दूसरी ओर पालिकाध्यक्ष पुत्र के साथ हुई मारपीट के मामले में बुधवार को उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री दिलीप सेठ के नेतृत्व में एसपी को प्रार्थनापत्र दिया गया। कहा गया कि पालिकाध्यक्ष का पुत्र शुभम व्यापारी है। बाजार में उसकी इलेक्ट्रिक की दुकान है। वह अपने दोस्तों के साथ उमरारखेड़ा झांसी रोड पर खड़ा था, तभी वहां पहुंचे सभासद उसे अपनी कार में डालकर उमरारखेड़ा ले गए। वहां शुभम और उसके दोस्तों के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया। जंजीर, अंगूठी व रुपये छीन लिए। व्यापारियों ने एसपी से कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कई व्यापारी मौजूद रहे।
बयान:
एसपी रवि कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है। कोतवाल शिव कुमार सिंह के पास तहरीर है। जांच सीओ सिटी विजय आनंद को सौंपी गई है। जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बयान:
पालिकाध्यक्ष अनिल बहुगुणा का कहना है कि सभासद शनि शराब के नशे में पालिका पहुंचा था। गालीगलौज की। जब उन्होंने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी। मेरे बेटे के खिलाफ साजिश कर उसे फंसाया जा रहा है।
बयान:
सभासद शनि का कहना है कि पालिकाध्यक्ष अपनी मनमानी करते हुए उनके वार्ड में काम नहीं करा रहे हैं। मंगलवार दोपहर वह अपने वार्ड के कार्यों का कोटेशन मांगने गए थे। पालिकाध्यक्ष ने गालीगलौज करते हुए हाथापाई की। इसके बाद अपने पुत्र को कुछ युवकों के साथ रात में उसके घर भेजकर मारपीट कराई।