उरई। जिला अस्पताल अब सोलर प्लांट से रोशन होगा। इसके लिए लखनऊ की एक कंपनी ने जिला अस्पताल में आकर सर्वे किया। कई कार्यालय की छतों पर जाकर सोलर प्लांट लगाने की जगह देखी और पूरी रिपोर्ट तैयार की। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द सोलर प्लांट लगने के बाद अस्पताल से बिजली कटौती की समस्या से निजात मिल जाएगी।
बता दें कि सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों को सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की है। कई मेडिकल कॉलेज में सोलर प्लांट लगाए भी जा चुके हैं। सोलर प्लांट लगाने की जिम्मेदारी लखनऊ की ओएमसी कंपनी को दी गई है। ओएमसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अचल चंदपुरिया व प्रोजेक्ट इंजीनियर सुनील ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और अस्पताल की अलग अलग बिल्डिंगों की छतों पर जाकर जांच पड़ताल की।
उन्होंने अस्पताल के लोड आदि के बारे में जानकारी ली। बताया कि अभी सर्वे कर रहे है, कितनी जगह सोलर प्लेटें लगेगी और क्या-क्या संसाधन लगेंगे, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद लागत पता चल सकेगी। बताया कि सोलर प्लांट लगने के बाद अस्पताल के बिजली बिल में करीब 40 फीसदी की कमी आएगी। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. जगजीवन राम ने बताया कि बिजली बिल का भुगतान सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था के तहत होता है, जो स्वास्थ्य विभाग करता है।
रुपये जमा, फिर भी बिजली विभाग नहीं दे रहा ट्रांसफार्मर
उरई। जिला अस्पताल में ट्रांसफार्मर की समस्या है, इससे आए दिन बिजली प्रभावित होती है। 10 जून 2021 को अस्पताल का बिजली भार बढ़ाने और नए ट्रांसफार्मर के लिए सीएमएस ने बिजली विभाग को 92 लाख रुपये जमा भी कर दिए हैं। लेकिन साढ़े तीन साल से ज्यादा वक्त हो जाने के बावजूद नया ट्रांसफार्मर नहीं मिला है। इससे अभी तक समस्या दूर नहीं हुई है। सीएमएस के समस्या बताने पर डीएम ने बिजली विभाग के एक्सईएन को पत्र लिखकर समस्या दूर करने के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग के एसडीओ ऋषभ राजपूत का कहना है कि जिला अस्पताल में अलग कैटेगरी का ट्रांसफार्मर लगना है। इसके लिए मुख्यालय को अवगत करा दिया है, जल्द ट्रांसफार्मर मिलने की उम्मीद है। (संवाद)