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Jalaun News: तो अपनी करतूतों की शिकायत से खफा लोगों ने की जितेंद्र की हत्या

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फोटो 18- मृतक जितेंद्र कुमार की फाइल फोटो। स्रोत परिजन
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कोंच (जालौन)। लहूलुहान हालत में शनिवार को सीएचसी लाए गए जितेंद्र अहिरवार (45) की मौत के मामले में हिरासत में लिए गए लोगों ने पुलिस से पूछताछ में अपराध स्वीकार किया है। सूत्रों का कहना है कि इनमें से दो लोगों ने पुलिस को बताया है कि जितेंद्र ने उनकी शिकायत पूर्व विधायक पिता-पुत्र से की थी। इसी वजह से उनकी पीट-पीटकर हत्या की गई है।
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हालांकि, पुलिस ने अभी कोई खुलासा नहीं किया है। एसपी का कहना है कि एक-दो दिन में मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। वहीं, सोमवार को जितेंद्र कुमार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई। इसमें उनके शरीर पर पांच चोटों के निशान की पुष्टि हुई है। वहीं, पूर्व विधायक रामप्रसाद ने कहा है कि नितिन के आरोप निराधार हैं। पुलिस की जांच में सच सामने आ जाएगा।



बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के घमूरी गांव निवासी जितेंद्र अहिरवार (45) को शनिवार की रात करीब आठ बजे कुछ लोग लहूलुहान हालत में कार से लेकर सीएचसी पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टर को बताया था कि एक्सीडेंट हुआ है। जब डॉक्टर ने जितेंद्र को मृत बता दिया तो वे कार से भाग गए थे। जाने से पहले जितेंद्र के फोन से उसके पुत्र नितिन कुमार को सूचना दी थी कि उनके पिता की हादसे में मौत हो गई है। शव सीएचसी में पड़ा है।
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इसके बाद नितिन कुमार कई लोगों के साथ सीएचसी पहुंचा था। उसने कांग्रेस के पूर्व विधायक रामप्रसाद अहिरवार (85), उनके बेटे बसपा के पूर्व विधायक अजय सिंह अहिरवार (50), अजय के दो बेटों अमन सिंह उर्फ निक्की एवं राजा व अमित तथा एक अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाया था। नितिन की तहरीर पर पुलिस ने रविवार को देर रात आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की थी।



नितिन का आरोप है कि जब पिता मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली गई तो पता चला कि नौ अगस्त की शाम 4:52 बजे पूर्व विधायक रामप्रसाद ने फोन करके पिता से गाली-गलौज की थी। जालौन रोड स्थित अपने पेट्रोल पंप पर बुलाया था। इसके कुछ मिनट बाद 4:55 बजे अमन सिंह उर्फ निक्की की कॉल आई थी। उसने भी गाली-गलौज की और धमकी दी थी। इनके अलावा अमित नाम के व्यक्ति ने भी गाली-गलौज कर पिता को पेट्रोल पंप पर आने के लिए कहा था। आरोप है कि इन सभी ने पिता को एकांत में बुलाकर पीट-पीटकर हत्या कर दी। हालांकि, नितिन के आरोपों की पुष्टि फिलहाल पुलिस की पूछताछ में नहीं हो पाई है।

सूत्रों के अनुसार, जितेंद्र को पूर्व विधायक रामप्रसाद परिवार के सदस्य की तरह मानते थे। यही वजह है कि पूर्व विधायक ने उसे स्कूल से लेकर घर तक की जिम्मेदारी दे रखी थी। बताते हैं कि कुछ महीनों से जितेंद्र पूर्व विधायक पिता-पुत्र को विद्यालय में चल रहे क्रियाकलापों की जानकारी दे रहे थे। इस वजह से कुछ लोग उनसे खफा थे। इन्हीं लोगों ने जितेंद्र को रास्ते से हटाने के लिए फोन कर बुलाया और पीट-पीटकर हत्या कर दी। सूत्रों का यह भी कहना है कि जब पिटाई से जितेंद्र ज्यादा घायल हो गए तो एक प्राइवेट डॉक्टर को बुलाया गया। उसने जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मारपीट करने वाले जितेंद्र को लेकर सीएचसी आए और छोड़कर भाग गए।



सीओ परमेश्वर प्रसाद का कहना है कि मामले में पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है। इसमें जितेंद्र के शरीर पर पांच चोटें लगने की पुष्टि हुई है। वहीं, दोपहर में पुलिस कप्तान डॉ दुर्गेश कुमार कोंच पहुंचे और घटना को लेकर अधीनस्थों से फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं, जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

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मुझ पर और मेरे परिवार पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार हैं। जितेंद्र हमारे परिवार का सदस्य था। हमने या हमारे परिवार के किसी भी सदस्य ने कभी उसके साथ भेदभाव नहीं किया। जांच के बाद सारी सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।

- रामप्रसाद अहिरवार, पूर्व विधायक, कांग्रेस



फोटो 18- जितेंद्र कुमार की फाइल फोटो। स्रोत परिजन



फोटो 19- पूर्व बसपा विधायक अजय सिंह पंकज। स्रोत : सोशल मीडिया



फोटो 20- पूर्व कांग्रेस विधायक राम प्रसाद अहिरवार। स्रोत : सोशल मीडिया

फोटो 18- मृतक जितेंद्र कुमार की फाइल फोटो। स्रोत परिजन

फोटो 18- मृतक जितेंद्र कुमार की फाइल फोटो। स्रोत परिजन

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