उरई। जनसमस्याओं को जानने के उद्देश्य से विधायक गौरी शंकर वर्मा उमरारखेरा पहुंचे। बदहाल सड़कों और जलभराव की स्थिति देखकर उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल पालिका ईओ से बात कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने के लिए कहा।
निर्देश दिए कि जो सड़कें पालिका के स्तर पर बन सकती हैं, उन्हें तुरंत बनवाया जाएं। बाकी सड़कें वह विधायक निधि से बनवाएंगे। उन्होंने विकास कार्यों में ढिलाई को लेकर पालिकाध्यक्ष पर भी सवाल उठाए और कहा कि स्थिति चिंताजनक है लेकिन पालिकाध्यक्ष इस ओर गंभीर नहीं हैं।
सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने उमरारखेरा की नई और पुरानी बस्तियों का दौरा किया। 20 गलियों में जाकर उन्होंने मोहल्लेवासियों से मुलाकात की। स्थानीय निवासी अजय सिंह, अनिल, गुड्डन, पवन और प्रेमचंद्र आदि ने बताया कि इन बदहाल गलियों को लेकर कई बार पालिका में शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
विधायक ने मौके पर ही ईओ राम अचल कुरील और सफाई निरीक्षक संदीप कुमार को बुलवाया। स्थिति देखकर ईओ भी असहज नजर आए। विधायक ने सवाल किया यह समस्याएं अब तक क्यों नहीं दिखीं। बोले, पक्की सड़कें नहीं बन पा रही हैं तो अस्थायी समाधान तो किया जा सकता है। इसके बाद निर्देश दिए कि जहां पानी भरा है, वहां तत्काल जलनिकासी कराई जाए और डस्ट डलवाकर रास्ता सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि 50 मीटर तक की सड़कें पालिका अपने बजट से बनाए, और 200 मीटर से अधिक लंबाई की सड़कें वे अक्तूबर में मिलने वाले विधायक निधि से बनवाएंगे।
उन्होंने कहा कि पालिकाध्यक्ष सिर्फ औपचारिक तौर पर चुने गए हैं, वे विकास कार्य करवाने में असफल हैं। इस प्रकार उन्होंने अपनी ही पार्टी के पालिकाध्यक्ष पर गंभीर सवाल उठाए। सभासद जितेंद्र ने बताया कि अब तक करीब 30 शिकायती पत्र विधायक को दिए जा चुके हैं। सबसे बड़ी समस्या सड़कों की है और जल्द समाधान का भरोसा मिला है।
पालिकाध्यक्ष बोले, तीन बार जनता ने विकास के दम पर चुना, बजट मिलेगा तो काम भी होगा
पालिकाध्यक्ष गिरिजा चौधरी ने कहा कि वे विधायक हैं, कुछ भी कह सकते हैं। जनता ने तीन बार हमारे परिवार को विकास के आधार पर चुना है। पूर्व के पालिकाध्यक्षों ने बस्तियों की उपेक्षा की, जिससे समस्याएं बढ़ीं। वर्तमान में पालिका के पास इतना बजट नहीं कि हर जगह सड़क बन सके। अब जब स्मार्ट सिटी में शामिल हुए हैं तो बजट बढ़ेगा और काम कराए जाएंगे।