उरई। डीपीआरओ पर भय दिखाकर वसूली करने व लगातार परेशान करने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी आक्रोशित हैं। कर्मचारियों ने बताया कि धन उगाही के लिए वह सफाई कर्मचारी के फोन से कॉल कर धमकाते हैं। उन्होंने डीएम को ज्ञापन दिया कि अगर तीन दिन में कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो वह डीपीआरओ के खिलाफ पोल खोल धरना देंगे।
जिला राज पंचायत अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद के खिलाफ ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के पदाधिकारी लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को उन्होंने डीएम को ज्ञापन देते हुए बताया कि जिस दिन से डीपीआरओ जिले में आए हैं, वह किसी न किसी को टारगेट बनाकर उगाही कर रहे हैं। बताया कि अंत्येष्टि स्थल आरजीएसए के अंतर्गत शासन से जो धनराशि मिली है, वहां के सचिव को डीपीआरओ अपने सफाई कर्मचारी निखिल प्रजापति के फोन से बुलाते हैं। इसके बाद गुणवत्ता व जांच आदि की धमकी देकर धन की उगाही करते हैं।
इसी तरह एसएलडब्ल्यू एम राज्य वित्त शासन की योजनाओं में खुलकर व्यय के सापेक्ष तीन प्रतिशत धनराशि की मांग ग्राम पंचायतों के स्टेटमेंट निकलवाकर मानदेय धनराशि को हटाकर व्यय के सापेक्ष की जा रही है। न देने पर निरीक्षण जांच व जेल भेजने की धमकी भी दी जाती है। वहीं गोशाला निरीक्षण, जनचौपाल के समय मौखिक रूप से कमियां दिखाकर कार्यालय बुलाया जाता है।
सचिवों का आरोप है कि जिला पंचायत राज अधिकारी कारण बताओ नोटिस, स्पष्टीकरण का पत्राचार कर पंचायत सचिवों पर मानसिक दबाव बनाकर अभद्रता करते हैं, सचिवों ने मांग की है कि तीन दिन के अंदर उनकी कार्यशैली पर अंकुश लगाया जाए। नहीं तो संगठन, 19 जुलाई से पोल खोल धरना प्रदर्शन करेंगे। इस मामले में डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद का कहना है कि पिछले कई वर्षो से सचिवों ने ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार किया है। जांच होने पर यह लोग उनके खिलाफ आरोप लगा रहे हैं।