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पहना मास्क, खोली किताबें और खाया भोजन

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सिरसा के स्कूल में प्रार्थना करते बच्चे। - फोटो : ORAI
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उरई। कोरोना काल के चलते करीब पांच महीने बाद बुधवार को परिषदीय विद्यालय (कक्षा एक से पांच) एक बार फिर अपने रंग में नजर आए। सुबह होते ही साफ सुथरी ड्रेस में बच्चे बैग टांगे चेहरे पर मास्क लगाकर स्कूल जाते नजर आए। कुछ अभिभावक काफी छोटे बच्चों को समझाते हुए स्कूल के गेट तक लेकर पहुंचे। वहीं शिक्षकों के भी तेज कदम स्कूल की ओर बढ़ते दिखे। महीनों बाद विद्यालयों में नन्हें बच्चों की प्रार्थनाएं सुनाई दी। इसके बाद किताबें खुली को पढ़ाई शुरू हुई और फिर दोपहर में पहले की तरह कतार में बैठकर बच्चों ने मिड डे मील का भी आनंद लिया।
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बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद बीते साल अप्रैल माह से परिषदीय विद्यालयों को बंद कर दिया गया था। बुधवार से ही स्कूलों को खोलने का आदेश था, लिहाजा अधिकांश विद्यालयों में सारी तैयारियां भी पूरी कर ली गई थी। स्कूल परिसर को सैनेटाइजेशन कराया गया था। बुधवार को भी कोंच, जालौन, कालपी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में विद्यालयों में सैनिटाइजर बोतलें भी रखी गई थी। बच्चों को सैनेटाइज कराकर ही कक्षाओं मे ंप्रवेश कराया गया। स्कूल खुलते ही आटा, डकोर, कदौरा आदि क्षेत्रों के विद्यालयों की रसोई से धुंआ भी उठने लगा और बच्चों के लिए दोपहर के भोजन की तैयारी शुरू हुई। हांलांकि पहला दिन होने के कारण कक्षाओं में बच्चों की संख्या पूरी नहीं रही। बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बताया कि लगभग सभी विद्यालयों में अध्यापन कार्य शुरू हो चुका है, शिक्षकों की भी उपस्थिति अधिक रही है। रही बात बाढ़ प्रभावित इलाकों की तो वहां भी फिलहाल मोहल्ला क्लास की सुविधाएं दी जा रही हैं।
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