उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई सभागार में ग्राम पंचायतों से संबंधित ऑडिट आपत्तियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2017-18 के वार्षिक प्रतिवेदन से संबंधित लंबित ऑडिट प्रस्तरों की विस्तार से समीक्षा की गई। लापरवाही पर आठ सचिवों का वेतन रोका गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि छात्रवृत्ति, जेआरवाई, ग्राम निधि, निर्मल भारत अभियान, ब्याज मद व अन्य शीर्षों से संबंधित कुल 152 ऑडिट प्रस्तर अब भी लंबित हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इनका निस्तारण जून के अंत तक हर हाल में कराया जाए। समीक्षा के दौरान आठ ग्राम पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और उनके वेतन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन सचिवों को प्रोन्नति दी गई है, उनके वेतन से ऑडिट शुल्क की धनराशि की वसूली सुनिश्चित कराई जाए। सीडीओ को निर्देशित किया गया कि वे नियमित अंतराल पर बैठक आयोजित करें और ऑडिट प्रस्तरों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। समीक्षा बैठक में सीडीओ राजेंद्र श्रीवास, एडीएम संजय कुमार, डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद, मुख्य वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद सिंह, और जिला लेखा परीक्षा अधिकारी विवेक कुमार सिंह उपस्थित रहे।