उरई/जालौन। सुहागिन महिलाओं ने बरगद की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना की। घरों में पकवान बनाए गए।
पंडित अरविंद बाजपेई ने बताया कि बरगद के पेड़ के नीचे ही सावित्री ने अपने पति सत्यावान को पुनर्जीवित कराया था। तब से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए वट सावित्री के दिन बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। महिलाओं ने वट सावित्री पूजा में धूप और घी का दीप जलाकर, लाल कलावा, सुहाग का समान, कच्चा सूत, चना आदि को बरगद पर चढ़ाकर उसके तने के चारों ओर 108 बार धागे को बांधकर पति की लंबी उम्र की कामना की। वट वृक्ष की पूजा नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने उत्साह के साथ की।
कोंच संवाद के अनुसार कस्बे के अलावा आसपास के इलाकों में वट सावित्री पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने नख शिख श्रृंगार करके बरगद के पेड़ों की परिक्रमा की ताकि उनके पति की आयु लंबी हो।