जालौन। सड़क किनारे झोपड़पट्टी में रहने वाले परिवार का दो साल के मासूम की नाले में गिरकर मौत हो गई। बेटे को मृत देखकर मां सड़क पर लेट गई। इससे सड़क पर जाम लग गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मां को समझा बुझाकर शांत कराया। इस दौरान लगभग आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।
उरई रोड पर ब्लाक कार्यालय की दीवार के बाहर चार परिवार झोपड़ी में रहते हैं। दीवार के पास ही एक खुला नाला भी है। नाले और दीवार के बीच विधवा नीतू देवी, वीर सिंह का परिवार झोपड़ी में रहता है। नीतू का दो वर्षीय इकलौता पुत्र बाबू रविवार दोपहर नाले के ऊपर रखे तख्त पर सो रहा था। वह अंदर घर के काम कर रही थी। नींद में ही करवट लेने पर मासूम बाबू नाले में गिर गया। कुछ देर में ही उसकी मौके मौत हो गई। काफी देर तक जब बाहर से आवाज नहीं आई तो नीतू ने बाहर आकर देखा तो तख्त पर बाबू नहीं दिखा। आसपास देखने पर भी पता नहीं चला। तब उसने नाले में देखा तो बाबू को देख होश उड़ गए। बेटे को बचाने की उम्मीद में मां उसे तत्काल कंधों पर लेकर सीएचसी पहुंची, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम बेटे की मौत से मां सदमे में आ गई। मृत बेटे को वापस घर लाकर मां उरई जालौन हाईवे पर लेट गई। जिससे उरई की ओर जाने वाला यातायात बाधित हो गया। जानकारी पर कोतवाली से एसएसआई दिलीप मिश्र व महिला चौकी प्रभारी नीलम सिंह पुलिस र्फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक समझाने बुझाने के बाद नीतू सड़क से हटी। इस दौरान लगभग आधा घंटे तक यातायात बाधित रहा।
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नगर पालिका ने नहीं बंद कराया नाला
मां नीतू ने बताया कि खुले नाले को बंद कराने के लिए वह कई बार नगर पालिका में मौखिक रूप से शिकायत कर चुकी हैं पर उसकी एक बार भी सुनवाई नहीं हुई। यदि उक्त नाला बंद होता तो शायद उसका बेटा जिंदा होता।